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अकेला भूपिंदर हुड्डा सबसे दो-दो हाथ करने को तैयार

राजीव खन्ना | Updated on: 28 May 2016, 7:23 IST
(पीटीआई)

हरियाणा के प्रमुख कांग्रेसी जाट नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा राज्य की राजनीति में नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. राज्य की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, इंडियन नेशनल लोक दल (आईएलएलडी) के नेताओं के साथ ही कांग्रेस का एक गुट भी उनके खिलाफ नजर आ रहा है.

पिछले कुछ समय से हुड्डा गलत कारणों से ही खबरों में रहे हैं. पिछले हफ्ते सीबीआई ने हुड्डा और 13 अन्य लोगों पर साल 2012 में पंचकुला के 14 औद्योगिक प्लॉट आवंटित करने में 'अनियमितता' बरतने का मामला दर्ज किया.

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उस समय हुड्डा हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचयूडीए) के चैयरमैन थे. प्लॉट आवंटन मामले में राज्य के सतर्कता विभाग ने मामला दर्ज किया था. इस मामले की पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है.

हुड्डा पर आरोप

मामले में आरोप है कि प्लॉट के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद आवंटन की शर्तें बदल दी गईं और प्लॉट सरकारी दर से भी कम कीमत पर दिए गए.

इससे पहले हुड्डा और चार अन्य अधिकारियों पर 2005 में एक प्लॉट एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल) को देने के मामले में सतर्कता आयोग ने जालसाजी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था. एजीएल उस समय कथित तौर पर द नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर का प्रकाशक था.

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वहीं हुड्डा का आरोप है कि राज्य सरकार उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. हालांकि सीएम खट्टर इससे इनकार करते हैं.

खट्टर का जवाब

खट्टर ने कहा कि सीबीआई और सतर्कता विभाग हुड्डा और दूसरे नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से नहीं जांच कर रहे बल्कि उन लोगों द्वारा बरती गई अनियमितताओं के सामने आने के बाद वो जांच कर रहे हैं.

एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान सीएम खट्टर ने कहा, "हुड्डा ने खुद विधानसभा में कहा था कि अगर उनके कार्यकाल में कोई अनियमितता पाई जाती है तो वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. फिर वो परेशान क्यों हैं?"

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हाल ही में हुड्डा द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एक कामगार सम्मेलन में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि हुड्डा "आक्रमण ही सर्वश्रेष्ठ बचाव" की नीति का पालन कर रहे हैं.

आईएनएलडी का हुड्डा पर आरोप

आईएनएलडी नेतृत्व भी हुड्डा को निशाना बना रहा है. राज्य विधान सभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने खट्टर को पत्र लिखकर गुड़गांव और सोनीपत में जमीन के दो मामलों में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार हुड्डा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग कर चुके हैं.

चौटाला ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के संदर्भ में हुड्डा पर किसानों की पुश्तैनी जमीन बिल्डरों को देने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में रोहतक में 2006 में किसानों की जमीन बिल्डरों को देने के फैसले को रद्द कर दिया था. अदालत ने इस फैसले को 'गैर-कानूनी' और 'धोखाधड़ी भरा' बताया. 

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चौटाला का आरोप है कि हुड्डा ने किसानों की जमीन कौड़ी के भाव बिल्डरों को दे दी थी. इन आरोपों के अलावा हुड्डा को दूसरी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा रहा है.

खट्टर सरकार ने हाल ही में हुड्डा को पूर्व सीएम के तौर पर मिले मुफ्त आवास और स्टाफ की सुविधा भी वापस ले ली है.  2 मई 2013 को तत्कालीन सीएम हुड्डा ने एक कैबिनेट मीटिंग में फैसला किया था कि राज्य के पूर्व सीएम को कैबिनेट मंत्री को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी.

जाट उपद्रव का जिम्मा

राज्य में हुए जाट उपद्रव के दौरान हुड्डा के करीबी माने जाने वाले प्रोफेसर वीरेंदर सिंह का एक कथित ऑडियो सामने आया था. जिसमें खाप नेता कप्तान मान से हिंसा को बढ़ावा देने की बात कही जा रही थी.

कांग्रेस ने वीरेंदर सिंह को नोटिस जारी किया लेकिन हुड्डा ने कहा,  'न्यायिक आयोग ही फैसला करेगा कि हिंसा के पीछे कौन था, इसे किसने शुरू किया.' हुड्डा के अनुसार वो अग्निपरीक्षा के लिए तैयार हैं.

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हुड्डा ने कहा, "मैं दस साल तक सत्ता में था. विरोध प्रदर्शन और आंदोलन तब भी होते थे, लेकिन ऐसी हिंसा कभी नहीं होने पाई थी." हुड्डा कहते हैं कि उनकी पार्टी सामाजिक ध्रुवीकरण करने की कोशिशों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी.

हुड्डा का पलटवार

कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष अशोक तंवर को हुड्डा का विरोध माना जाता है. तंवर को कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी का भी समर्थन प्राप्त है. फिर भी ज्यादातर कांग्रेसी विधायक हुड्डा के खेमे के माने जाते हैं. 

अप्रैल में पार्टी विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से तंवर को पार्टी से निकाले जाने की मांग कर चुके हैं. खबरों के अनुसार ये नेता सद्भावना रैली में हुड्डा के खिलाफ की गई बयानबाजियों से नाराज थे. हुड्डा ने अलग सद्भावना रैली का आयोजन किया था.

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नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर राजीव शुक्ला और तंवर जब मीडिया को संबोधित कर रहे थे तो वहां हुड्डा औचक पहुंच गए.जब उनसे कांग्रेस के अंदर उनके और तंवर के बीच कलह के बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "आप जो चाहते हैं वो जवाब नहीं मिलेगा."

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हुड्डा ने खट्टर सरकार पर भी पलटवार करते हुए जाट उपद्रव की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग की है.

कामगारों के एक सम्मेलन में हुड्डा ने दावा किया कि वो आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे हैं. हुड्डा ने 12 जन से राज्यव्यापी 'जन जागरण अभियान' शुरू करने का एलान किया है. 

उम्मीद की जा रही है कि इस अभियान के माध्यम से वो राज्य की बीजेपी सरकार पर चौतरफा हमला करेंगे. और इसका पूरा लाभ लेने के लिए उन्होंने इसकी शुरुआत तंवर के गृह जिले से करेंगे.

First published: 28 May 2016, 7:23 IST
 
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