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Bihar Assembly Election: पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को नहीं मिला JDU से टिकट, बोले- बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2020, 7:26 IST

Bihar A Election 2020: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) को बिहार विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. हाल ही में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की नौकरी से वीआरएस ले लिया था. उसके बाद उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण की थी. जेडीयू में शामिल होने के बाद ये चर्चा जोरों पर होने लगी कि जेडीयू उन्हें टिकट देगी. लेकिन बुधवार को जेडीयू ने उम्मीदवारों के नाम की सूची जारी की तो उसमें उनका नहीं नहीं था. उधर बीजेपी ने भी उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया है.

ऐसा माना जा रहा था कि नीतीश कुमार की पार्टी उन्हें बक्सर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उन्हें उतारेगी. लेकिन तमाम कयास धरे के धरे रह गए. क्योंकि गठबंधन में बक्सर की सीट बीजेपी के खाते में चली गई. तो ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि पार्टी उन्हें कहीं और से टिकट दे सकती है. लेकिन जब जेडीयू ने 115 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो सभी उम्मीदें समाप्त हो गईं. बुधवार को सत्ताधारी दल जेडीयू ने अपने सभी 115 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी. इसमें बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्व पांडेय का नाम शामिल नहीं है. चुनाव के लिए टिकट ना मिलने के बाद पांडेय ने फेसबुक पोस्ट लिखकर अपनी बात कही. उन्होंने लिखा है कि मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है. मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा.


पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बुधवार रात अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं. मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं. मेरे सेवा मुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा. हताश-निराश होने की कोई बात नहीं है. धीरज रखें. मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है. मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा." उन्होंने आगे लिखा, "कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करें. बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है. अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मजहब के सभी बड़े-छोटे, भाई-बहनों और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम. अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें.'

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बता दें कि पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सेवानिवृत्ति के दो दिन बाद ही ये घोषणा की थी कि अगर मौका मिला तो वे चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि वे राजनीति को लोगों की सेवा करने का सबसे बड़ा मंच मानते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर "मेरी कहानी मेरी जुबानी" शीर्षक के तहत लोगों के साथ संवाद करते कहा था कि, 'अगर मौका मिला और इस योग्य समझा गया कि मुझे राजनीति में आना चाहिए तो मैं आ सकता हूं लेकिन वे लोग निर्णय करेंगे जो हमारी मिट्टी के हैं, बिहार की जनता है और उसमें पहला हक तो बक्सर के लोगों का है जहां मैं पला-बढ़ा हूं.' उन्होंने कहा था कि, 'राजनीति में आने का अब मेरा मन हो गया है. अब स्थिति ऐसी बन गई है कि मुझे लगता है कि अब इसमें आ जाना चाहिए.'

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First published: 8 October 2020, 7:26 IST
 
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