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बिहार विधानसभा चुनाव : यशवंत सिन्हा ने नीतीश के सामने खड़ी की मुश्किल, तीसरे मोर्चे का ऐलान

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2020, 14:16 IST

आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक पार्टियों का प्रचार-प्रसार शुरू हो चुका है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी बिहार में डिजिटल रैलियां कर रही हैं, वहीं इस बीजेपी के पूर्व नेता और एनडीए सरकार में पूर्व वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा आज पटना में एक नए मोर्चे का ऐलान कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये मोर्चा बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ संपर्क अभियान चलाएगा. इस मोर्चे में एक दर्जन पूर्व सांसदों, विधायकों के जुड़ने की संभावना है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिन्हा ने कहा कि प्रदेश की बदहाल स्थिति को देखते हुए वे तीसरे मोर्चे का गठन कर रहे हैं. उन्होंने कहा यह मोर्चा बिहार का गौरव फिर से स्थापित करेगा. मोर्चा आगामी विधानसभा चुनाव में भाग लेगा.

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मोर्चे में पूर्व सांसद देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक नागमणि, बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी, पूर्व सांसद और दलित नेता पूर्णमासी राम, जनता दल (राष्ट्रवादी) के संस्थापक अशफाक रहमान, अनिल कुमार, लोजपा (एस) अध्यक्ष सत्यानंद शर्मा, पूर्व विधायक सिद्धनाथ राय सहित कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है. यशवंत सिन्हा की अगुवाई वाले इस मोर्चे का नारा 'इस बार बदलो बिहार' है.


 

विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए बिहार में चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने वाले हैं. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार सिन्हा के करीबी सूत्रों ने बताया कि सिन्हा राज्य के नेताओं, पूर्व सांसदों, विधायकों और अन्य के साथ कई दौर की बैठकें करने के बाद पटना आने के लिए सहमत हुए. यशवंत सिन्हा झारखंड के हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद थे, बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी.

इस बीच बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एच. आर. श्रीनिवास द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सत्तारूढ़ पार्टी जेडी (यू) ने राज्य में एक चरण में विधानसभा चुनाव करवाने की वकालत की. जदयू के वरिष्ठ नेता और पार्टी के मुंगेर से सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा "सिंगल फेज चुनाव से उम्मीदवारों पर दबाव कम होगा''. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रचार के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से नेता COVID-19 महामारी के मद्देनजर जारी SOP का पालन कर सकेंगे.

विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने वर्चुअल रैली का विरोध किया. आरजेडी के राज्य अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा "यह सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा विपक्षी दलों के नेताओं को उनके मतदाताओं से काटने की साजिश है. बिहार चुनाव अमीरों और गरीबों के बीच लड़ाई है."

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First published: 27 June 2020, 14:11 IST
 
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