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बिहार चुनाव 2020: मुकेश साहनी को तेजस्वी ने भाव नहीं दिया, BJP ने 11 सीट देकर खोली राजनीतिक किस्मत

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2020, 11:09 IST

Bihar Eleciton 2020: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैेसे सीटों की गुणा-गणित के लिए पार्टियां जुगत भिड़ाने में और तेजी से जुट गई हैं. बिहार चुनाव में इस बार गठबंधनों का खेल काफी बन-बिगड़ रहा है. कोई पार्टी कब किस गठबंधन के साथ चली जाए, पता ही नहीं चलता. एनडीए में शामिल एलजीपी जहां साथ छोड़ चुकी है, वहीं मुकेश साहनी की पार्टी एनडीए में शामिल हो चुकी है.

मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (Vikassheel Insan Party) न सिर्फ एनडीए में शामिल हुई है, बल्चि सीटों के बंटवारे में भाजपा ने उसे ग्यारह सीटें दे दी हैं. इसके अलावा बीजेपी ने उसे एक विधान परिषद की सीट देने की भी घोषणा कर दी है. जबकि अभी तक महागठबंधन में शामिल VIP पार्टी को तेजस्वी यादव भाव भी नहीं दे रहे थे.

इस तरह खुद को  'सन ऑफ मल्लाह' कहने वाले मुकेश साहनी की बीजेपी ने चुनाव से पहले राजनीतिक किस्मत खोल दी है. कुछ सालों पहले मुकेश साहनी मुंबई में फ़िल्मों के सेट निर्माण का कार्य करते थे. जब उन्होंने बिहार की राजनीति में किस्मत चमकाने का फैसला किया था तो उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि भाजपा उसे चुनाव में 11 सीटें दे देगी.

मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने मुकेश साहनी को कभी राजनीतिक भाव नहीं दिया. यहां तक कि जब तक वह महागठबंधन में शामिल रहे तो तेजस्वी यादव ने भी उन्हें भाव नहीं दिया. लेकिन भाजपा ने उसे 11 सीटें देकर एक तरह से उसका राजनीतिक भविष्य उजाले में ला दिया है. मुकेश साहनी पिछले विधानसभा चुनाव में भी एनडीए में शामिल थे. तब वह तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ सबसे अधिक संयुक्त रैली करने वाले नेता थे.

मुकेश साहनी बिहार के उन नेताओं में शामिल हैं, जो हर दल के शीर्ष नेताओं के साथ मधुर संबंध रखते हैं. जब वह तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की बात कहते थे तब भी भाजपा के नेताओं के साथ उनकी मुलाक़ात होती थी. लेकिन उनके राजनीतिक भाग्य का उदय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग़ पासवान के एनडीए से बाहर निकलने के फैसले के बाद हुआ.

महागठबंधन से अलग होने के समय संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि उनकी पीठ पर ख़ंजर घोंपा गया है. हालांकि साहनी जब भाजपा के साथ थे तब भी अथवा साल 2019 के लोक सभा चुनाव में महागठबंधन के साथ थे, तब भी अपनी जाति का वोट ट्रान्सफर नहीं करवा पाये थे. लेकिन साहनी का कहना है कि भाजपा को पिछले विधान सभा चुनाव में चंपारण में जो सफलता मिली, उसमें मल्लाह समाज के वोटरों की निर्णायक भूमिका थी.

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First published: 8 October 2020, 10:58 IST
 
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