Home » इंडिया » Bihar flood death toll rises 341, 1.46 cr affected
 

बिहार: बाढ़ से हाहाकार, मरने वालों की तादाद 341 पहुंची

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2017, 16:35 IST

बिहार के कई जिलों में पिछले 10 दिनों से नदियों में आई उफान के बाद बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. इस बीच बाढ़ग्रस्त कई पुराने क्षेत्रों से बाढ़ का पानी घटा है, लेकिन कई नए क्षेत्रों में पानी का फैलाव भी जारी है.

राज्य में बाढ़ से 1.46 करोड़ से ज्यादा की आबादी प्रभावित है, जबकि बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ की चपेट में आने से 37 लोगों की मौत हो गई, जिससे बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 341 तक पहुंच गई है.

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया, "राज्य के 18 जिलों के 183 प्रखंडों की 1.46 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान पांच अन्य प्रखंडों में बाढ़ के पानी का फैलाव हुआ है. "

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ से 37 लोगों की मौत हुई है, जिस कारण इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या अब तक 341 तक पहुंच गई है.

अररिया में सबसे ज्यादा 75 लोगों की मौत हुई है, जबकि किशनगंज में 23, पूर्णिया में नौ, कटिहार में 26, पूर्वी चंपारण में 19, पश्चिमी चंपारण में 36, दरभंगा में 19, मधुबनी में 23, सीतामढ़ी में 36, शिवहर में चार, सुपौल में 15, मधेपुरा में 19, गोपालगंज में 14, सहरसा में चार, मुजफ्फरपुर में सात तथा खगड़िया और सारण में छह-छह व्यक्ति की मौत हुई है.

समस्तीपुर के चार प्रखंडों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है, लेकिन अब तक यहां किसी भी व्यक्ति की मौत होने की सूचना नहीं है. 

आपदा विभाग के अनुसार, "बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी से घिरे 7.61 लाख से ज्यादा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इसके अलावा इन क्षेत्रों में 1,085 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें करीब 2.29 लाख से ज्यादा लोग अभी शरण लिए हुए हैं. 1608 सामुदायिक रसोई खोली गई है, जिसमें लोगों को लंगर की तरह खाना खिलाया जा रहा है."

जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी निकल रहा है, उन क्षेत्रों के लोग अब राहत शिविर छोड़कर अपने घरों की ओर भी लौटने लगे हैं. इधर, आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "प्रभावित जिलों में लगातार सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ ) की टीम लगी हुई है. इन 18 जिलों में एनडीआरएफ की 28 टीम के 1,152 जवान अपनी 118 नौकाओं और एसडीआरएफ की 16 टीम के 466 जवान अपनी 92 नौकाओं तथा सेना के 630 जवान एवं 70 नौकाओं के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं."

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ चिकित्सकों का चलंत दस्ता भी प्रभावित इलाकों में लगा हुआ है. इसके अलावा कई सरकारी और निजी नावों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया कि जिन इलाकों से बाढ़ का पानी निकल गया है, उन क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है, जिससे बीमारियों को फैलने से रोका जा सके.

First published: 23 August 2017, 16:35 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी