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राजदेव हत्याकांड में शामिल पांच शूटर्स गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2016, 17:01 IST
QUICK PILL
  • बिहार पुलिस ने सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या करने वाले पांच शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी रोहित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस के मुताबिक लड्डन मियां ने रोहित को राजदेव रंजन के हत्या की सुपारी दी थी.
  • पुलिस लड्डन मियां को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. पुलिस अभी तक हत्या के कारणों का भी पता लगाने में विफल रही है. 
  • पत्रकार की हत्या में पूर्व आरजेडी सांसद और माफिया डॉन शहाबुद्दीन का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे सिवान जेल से हटाकर भागलपुर जेल भेज दिया है. 

बिहार के सिवान जिले में हुई पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. सिवान पुलिस के विशेष दस्ते ने सघन छापेमारी कर हत्याकांड में शामिल पांच शूटरों को गिरफ्तार किया है. 

पुलिस के मुताबिक हत्या के मुख्य आरोपी ने यह कबूल किया है कि उसे लड्डन मियां ने राजदेव रंजन की हत्या की सुपारी दी थी. लड्डन मियां को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है. लड्डन मियां पूर्व आरजेडी सांसद और माफिया डॉन शहाबुद्दीन का करीबी माना जाता है. 

पुलिस हालांकि अभी तक हत्या की मंशा का पता लगाने में विफल रही है. सिवान पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि हत्या की मंशा सामने आने के बाद हमारी जांच को वाजिब दिशा मिल पाएगी. 

अधिकारी ने कहा, 'हमारे लिए यह केस बड़ी चुनौती है. सरकार ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. हमने इसे चुनौती के तौर पर लिया और हम सीबीआई से पहले इस मामले को खोल कर रख देंगे.'

एडीजी ने बताया कि पुलिस जल्द ही लड्डन मियां को गिरफ्तार कर लेगी. मियां की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस दल बिहार और बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में लगातार छापे मार रही है.

पटना पुलिस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए एडीजी सुनील कुमार ने कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी शूटर राजदेव की हत्या में शामिल थे. कुमार ने बताया, 'बरामद बाइक पर खून के छींटें भी पाए गए हैं जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक विभाग भेज दिया गया है.' 

एडीजी ने बताया कि शूटर रोहित ने इस बात को कबूला है कि उसने रंजन को गोली मारी थी. रोहित के अलावा विजय कुमार, राजेश कुमार, इशू कुमार और सोनू कुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी सिवान के ही रहने वाले हैं. 

पुलिस के मुताबिक राजदेव रंजन की हत्या के बाद सभी हत्यारे सिवान से भागकर उत्तर प्रदेश चले गए थे. हालांकि पुलिस ने इन सभी को सिवान से ही गिरफ्तार किया है.

शहाबुद्दीन पर संदेह

अधिकारी ने कहा कि हम शहाबुद्दीन वाले एंगल पर अभी भी काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'लड्डन मियां की गिरफ्तारी के बाद हम इस मामले में अधिक स्पष्टता के साथ कुछ कह सकेंगे.' 

राजदेव की हत्या के तुरंत बाद ही सिवान जेल में छापा पड़ा था, जिसमें शहाबुद्दीन का सेल भी शामिल था. पुलिस ने पाया कि शहाबुद्दीन को जेल में विशेष छूट मिली हुई थी.

जेल बुक में शहाबुद्दीन से मिलने वाले लोगों की संख्या करीब 20 दिखाई गई थी लेकिन छापे के दिन आरजेडी के पूर्व सांसद और माफिया शहाबुद्दीन से मिलने वाले लोगों की संख्या करीब 60 से अधिक थी. 

पत्रकार हत्याकांड में आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का नाम सामने आने के बाद सरकार पर कार्रवाई का चौतरफा दबाव था. पीड़ित परिवार का भी कहना था कि उसे राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी.

शहाबुद्दीन को अब सिवान जेल से हटाकर भागलपुर जेल भेज दिया गया है. वहीं उसके गुर्गों को भी मोतिहारी और बक्सर जेल भेजा गया है. 

पुलिस हालांकि अभी तक राजदेव रंजन की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है

सिवान पुलिस के  एक अधिकारी ने बताया, 'शहाबुद्दीन के सिवान में रहने के दौरान प्राथमिक जांच पर असर पड़ सकता था.' आरजेडी से जुड़े होने की वजह से सरकार पर शहाबुद्दीन के खिलाफ नरमी बरतने का आरोप लग रहा था. इसी वजह से सरकार ने न केवल सिवान जेल में छापा मारने की अनुमति दी बल्कि हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश करने में भी देर नहीं लगाई.

रंजन की हत्या के पहले सिवान के मौजूदा सांसद के प्रेस सचिव श्रीकांत भारती की हत्या के तर्ज पर ही राजदेव रंजन को करीब से गोली मारी गई थी. हत्या के बाद जिन दो लोगों को हिरासत में लिया गया था, वह शहाबुद्दीन के लिए काम करते रहे हैं.  

पुलिस ने हालांकि हत्याकांड को अंजाम देने वाले किराए के गुर्गों को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन अब उसके सामने बड़ी चुनौती हत्या के कारणों का पता लगाने की है. 

First published: 25 May 2016, 17:01 IST
 
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