Home » इंडिया » Bihar: Kaimur villagers averted accident of Howrah Bikaner express by red cloths
 

गांव वालों की तत्परता से बड़ा रेल हादसा टला, टूटी पटरी तक पहुंचने से पहले लाल गमछा दिखा रुकवाई ट्रेन

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2021, 10:53 IST
train story (catch news)

Bihar: बिहार में गांव वालों की तत्परता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया है. गांव वालों ने टूटी पटरी तक पहुंचने से पहले एक हाई स्पीड ट्रेन को लाल कपड़ा दिखाकर रोक लिया. जिससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गई. बिहार में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन को बड़ी दुर्घटना से बचा लिया. 

हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस गया की ओर से पंडित दीनदयाल रेलवे जंक्शन की तरफ जा रही थी. इस दौरान ग्रामीणों ने देखा कि पटरी टूटी हुई है. इसके बाद दो ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और अपने लाल गमछे को निकालकर लहराया. वह लगातार ट्रेन के चालक को गमछा दिखाते रहे. इसके बाद चालक ने गाड़ी रोकी तो ग्रामीणों ने ड्राइवर को टूटी पटरी दिखाई. इससे बड़ा हादसा होने से टल गया.

ट्रेन रोकने के बाद ड्राइवर ने ट्रैक टूटने की खबर स्टेशन मास्टर को दी. जिसके बाद पटरी ठीक करने के 45 मिनट बाद हावड़ा बीकानेर एक्सप्रेस को दूसरी लाइन से रवाना किया गया. यह घटना कैमूर इलाके की है. पंडित दीनदयाल और गया रेलखंड के बीच एक रेलवे स्टेशन पुसौली पड़ता है. वहां से एक किलोमीटर पश्चिम में कुदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाला गांव घटांव पड़ता है.

घटांव गांव के दो किसान अपलाइन में अपने खेतों की तरफ रेलवे ट्रैक पकड़कर जा रहे थे. इस दौरान उनकी नजर रेलवे ट्रैक की टूटी पटरी पर पड़ी. वह अगर पुसौली स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना देने जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था. क्योंकि तब तक अपलाइन का सिग्नल ग्रीन हो गया था और अपलाइन से 2496 नंबर की हावड़ा बीकानेर एक्सप्रेस आती दिखाई दी.

इसके बाद किसान प्रेमचंद राम तथा राम प्रवेश अपने लाल गमछे को चालक की तरफ दिखाते हुए ट्रेन रुकने का इशारा करने लगे. ड्राइवर को मामले में गंभीरता समझ आई तो उन्होंने गाड़ी को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका और बड़ा हादसा टल गया. ग्रामीणों की तत्परता देखकर स्टेशन मास्टर ने उनको सम्मानित किया.

महाराष्ट्र में बारिश ने मचाई तबाही, रायगढ़ ज़िले में भूस्खलन से 44 से ज्यादा लोगों की मौत, रेलवे ने रद्द की ये ट्रेनें

Covid-19 : भारत में 1.19 लाख से अधिक बच्चों ने कोरोना से खो दिए अपना माता- पिता, दादा दादी- लेंसेट

First published: 25 July 2021, 10:53 IST
 
अगली कहानी