Home » इंडिया » Muzaffarpur shelter home rape case: main accused brijesh thakur getting 1 carore rupee annualy from government
 

मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप केस: मुख्य आरोपी पर मेहरबान थी सरकार, सालाना मिलते थे एक करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2018, 11:15 IST

बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में 46 बच्चियों के साथ हुए रेप केस में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. बीते दिनों बालिका गृह की लड़कियों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में जो आप बीती सुनाई उसे सुनने के बाद इंसानियत से भी भरोसा उठ जाए. इन नाबालिक बच्चियों के साथ हर रोज रेप किया जाता है. हैरानी की बात ये है कि इस मामले की किसी को भनक तक नहीं लगी. रोज उन छोटी बच्चियों को कभी ड्रग्स देकर तो कभी मार पीट कर यौन शोषण किया जाता रहा. इसमें बालिका गृह की महिला कर्मचारी भी शामिल थी.

इस मामले में मुख्य आरोपी को लेकर नया खुलासा हुआ है. बृजेश ठाकुर जिसका ये एनजीओ है उसे हर साल सरकार से लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाती थी. सिर्फ इस बालिका गृह के नाम पर 40 लाख रुपये का फंड दिया जाता था.

ये भी पढ़ें-मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस: बच्चियों ने सुनाई आपबीती, 'ड्रग्स देकर करवाते थे रेप'

मुज़फ़्फरपुर में ठाकुर को वृद्धाश्रम, अल्पावास, खुला आश्रय और स्वाधार गृह के लिए भी टेंडर पास हुए थे. सवाल ये है की एक ही आदमी को एक ही एनजीओ के रेजिस्ट्रेशन पर इतने टेंडर कैसे मिले थे. इतना ही नहीं इन सभी टेंडरों के लिए सरकार से अच्छी खासी रकम भी मिलती थी.

खुला आश्रय के लिए हर साल 16 लाख, वृद्धाश्रम के लिए 15 लाख और अल्पावास के लिए 19 लाख रुपए मिलते थे. वहीं अकेले बालीखा गृह के नाम पर 40 लाख रुपये आवंटित थे. सरकारी महकमे के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कि आखिर एक ही आदमी को इतने टेंडर कैसे मिले?

ये भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप केस:नीतीश कुमार ने दिए CBI जांच के आदेश

 

इस मामले में एसएसपी हरप्रीत कौर  का कहना है कि ब्रजेश ठाकुर को टेंडर देने में कई नियमों का उल्लंघन किया गया है. हरप्रीत कौर ने मामले के बारे में आगे कहा, ''एक-एक कर ऐसी चीज़ें सामने आ रही हैं जिनसे शक का दायरा और बढ़ता जा रहा है. जिस घर का चुनाव बालिका गृह के लिए किया गया था वो नियमों पर खरा नहीं उतरता है.

ये भी पढ़ें- बिहार: मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में 21 बच्चियों से रेप, एक को परिसर में दफनाया

जहां बालिका गृह था उसी कैंपस में ब्रजेश ठाकुर का घर है. उसी कैंपस से उनका अख़बार निकलता है. घर की स्थिति ठीक नहीं है. सीसीटीवी कैमरे का होना अनिवार्य है, लेकिन एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं था. हमने इन सब पर रिपोर्ट मंगवाई हैं और ये सभी बातें जांच के दायरे में हैं.''

First published: 29 July 2018, 11:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी