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पीएम मोदी का बिहार को तोहफा, मत्स्य संपदा योजना का किया शुभारंभ, जानिए क्या है खास

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2020, 16:47 IST

बिहार में इस समय विधानसभा चुनाव  का माहौल है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार को करोड़ों की योजनाओं का बड़ा तोहफ़ा दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की मदद के लिए नया ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप का नाम ई-गोपाला ऐप (E-Gopala App) है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने इसका शुभारंभ किया.

प्रधानमंत्री के बटन दबाते ही बिहार सहित 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना के तहत 1700 करोड़ रुपये के कार्यक्रम शुरू हो गए. किसानों के लिए ई-गोपाला ऐप (e-Gopala App) भी लॉन्च की गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्चिंग के दौरान कहा, "यह ऐप किसानों और पशुपालकों के बहुत काम आएगा. इससे पशुपालकों को तकनीकी जानकारी मिलेगी.

योजना की लॉन्चिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने बिहार के पशुपालकों से भी बात की. पीएम मोदी ने बिहार में मछली पालन और पशुपालन क्षेत्रों में भी कई नई पहलों का शुभारंभ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

क्या है ई-गोपाला ऐप

पीएम मोदी ने ट्विटर पर इस ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी. इसके मुताबिक यह ऐप किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिए एक व्यापक नस्ल सुधार बाज़ार और सूचना पोर्टल है. ऐप के जरिए कृत्रिम गर्भाधान, पशु की प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, उपचार आदि और पशु पोषण के लिए किसानों का मार्गदर्शन किया जा सकेगा.

वहीं टीकाकरण, गर्भावस्था निदान, शांत करने आदि के लिए नियत तारीख और किसानों को क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं , अभियानों के बारे में भी यह ऐप सूचित करेगा. ई-गोपाला ऐप इन सभी पहलुओं पर किसानों को समाधान प्रदान करेगा. 

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क्या है पीएम मत्स्य संपदा योजना

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) मत्स्य क्षेत्र पर केंद्रित और सतत विकास योजना है. इसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 की अवधि के दौरान सभी राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है. इस योजना में 20,050 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होना है. इसमें से लगभग 12,340 करोड़ रुपये का निवेश समुद्री, अंतदेर्शीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में लाभार्थी केन्द्रित गतिविधियों पर तथा 7,710 करोड़ रुपये का निवेश फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्तावित है.

योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई 2019 को केंद्रीय बजट 2019-20 पेश करते हुए भारत की संसद में अपने भाषण के दौरान की थी. इसके तहत 20,050 करोड़ रुपये मत्स्य क्षेत्र में अब तक का सबसे अधिक फंड है. इसमें से मरीन, इनलैंड फिशरीज और एग्रीकल्चर में लगभग 12340 करोड़ रुपये और फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 7710 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.

मत्स्य संपदा योजना का लाभ केवल मछुआरा समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों को मिलेगा. जलीय क्षेत्रों से संबंध रखने वाले और जलीय कृषि का कार्य करने वाले या इसके लिए इच्छुक व्यक्ति ही इस योजना के पात्र होंगे. समुद्री तूफान, बाढ़, चक्रवात जैसी किसी प्राकृतिक आपदा का बुरी तरह से ग्रसित मछुआरों को इसका फायदा मिलेगा. मछली पालने वाले किसानों को भी आसानी से3 लाख रुपये का लोन मिल सकेगा. मछली पालन को सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ दिया है. 

बिहार की विकास परियोजनाओं में शामिल है 

- पूसा (समस्तीपुर) में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में एक मछली उत्पादन प्रौद्योगिकी केंद्र (Fish Production Technology Centre) का उदघाटन
- पूर्णिया, पटना और बेगूसराय में पशुपालन से जुड़े अहम प्रोजेक्ट लॉन्च
-सीतामढ़ी में फिश ब्रूड बैंक की स्थापना.
- किशनगंज में जलीय रोग रेफरल प्रयोगशाला (Aquatic Disease Referral Laboratory) की स्थापना.
- मधेपुरा में फिश फीड मिल का उदघाटन.
- पटना में फिश ऑन व्हील्स (Fish on Wheels) की दो इकाइयों का शुभारंभ.

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First published: 10 September 2020, 16:47 IST
 
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