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सारण मिड डे मील केस: 23 बच्चों की मौत की दोषी प्रिंसिपल को 17 साल की सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 August 2016, 12:05 IST
(फाइल फोटो)

बिहार के सारण जिले की एक अदालत ने गंडामन प्राथमिक स्कूल में विषाक्त मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत के मामले में सजा का एलान कर दिया है.

इस मामले में दोषी स्कूल की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी को 17 साल के कारावास की सजा सुनायी गई है. अदालत ने मीना देवी पर 3 लाख 75 हजार का जुर्माना भी लगाया है.

पौने चार लाख जुर्माना, पति बरी

छपरा सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-दो) विजय आंनद तिवारी की अदालत ने 16 जुलाई 2013 को विषाक्‍त मिड डे मील खाने से बच्चों की मौत के मामले में मीना देवी को 24 अगस्त को दोषी करार दिया था. जबकि उनके पति अर्जुन राय को साक्ष्य के अभाव में बरी घोषित कर दिया गया था.

इस मामले में अदालत ने मीना देवी को आईपीसी की धारा 304 और 308 के तहत क्रमश: 10 साल और 7 साल के कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने इसके अतिरिक्त मीना देवी को आईपीसी की धारा 304 के तहत ढाई लाख रुपये और धारा 308 के तहत सवा लाख रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है. दोनों सजा अलग-अलग चलेंगी.

16 जुलाई 2013 की घटना

गौरतलब है कि सारण जिले के मशरक प्रखंड के धर्मासती गंडामन स्कूल में 16 जुलाई 2013 को विषाक्त मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गयी थी. इस दर्दनाक घटना में दर्जन भर से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए थे.

धर्मसती गंडामन स्कूल की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी और उनके पति अर्जुन राय के खिलाफ मशरक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में सरकार ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया.

घटना के सात दिनों बाद एसआईटी ने मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उनके पति अर्जुन राय ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था.

First published: 30 August 2016, 12:05 IST
 
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