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आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने बिजनौर हिंसा के लिए उकसाया, तलाश में छापेमारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST

बिजनौर गोलीकांड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक वकील एेश्वर्य चौधरी और उनके गनर की तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस छापेमारी कर रही है. छह गिरफ़्तार मुलजिमों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वकील एेश्वर्य ने पेदा गांव के मुसलमानों पर गोलीबारी के लिए संसार सिंह और उनके समर्थकों को उकसाया था. 

पेशे से वकील एेश्वर्य सिंह फिलहाल अपने गनर समेत फरार हैं. वह बिजनौर अधिवक्ता संघ के ज़िला अध्यक्ष हैं, जोकि आरएसएस की एक इकाई है.

कैच न्यूज़ से बातचीत में उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा है कि वकील एेश्वर्य को इस केस में मुलज़िम बनाया गया है. उन्होंने अपने गनर के साथ हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया है. 

दलजीत चौधरी ने दावा किया कि मौके से जुटाई गई तस्वीरों में भी एेश्वर्य सिंह और उनके गनर मौजूद हैं. गिरफ़्तार मुलज़िमों के बयान और मौके से जुटाए गए सबूतों से उनकी भूमिका पता चलती है.

यूपी पुलिस का दावा है कि एेश्वर्य के संबंध एक राजनीतिक दल से हैं लेकिन अभी हम उस पार्टी का नाम नहीं लेना चाहते

दलजीत चौधरी ने कहा है कि दोनों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. एेश्वर्य से पूछताछ में आरएसएस के अलावा एक राजनीतिक दल से उनका जुड़ाव का पता चल सकता है. 

शुरुआती जांच में ये सुबूत भी हाथ लगे हैं कि उनका संबंध एक राजनीतिक दल से है लेकिन पुलिस अभी उस पार्टी के नाम का खुलासा नहीं कर रही है. पेदा गांव के मुकामी बाशिंदों का भी दावा है कि शुरुआती झगड़े के बाद मामला शांत हो गया था. मगर इसके बाद भीड़ को उकसाकर हमला करवाया गया है. भीड़ को उकसाने वाले शख़्स वकील एेश्वर्य चौधरी थे.

मालूम हो कि बिजनौर के पेदा गांव में शुक्रवार की सुबह लगभग 8 बजे हुई गोलीबारी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक दर्जन से ज़्यादा ज़ख्मी दिल्ली, मेरठ और मुकामी अस्पताल में भर्ती हैं. इस वारदात के बाद गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा और एडीजी दलजीत चौधरी फौरन मौके पर पहुंच गए थे. शाम तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ितों के परिवारवालों को 20-20 लाख रुपए बतौर मुआवज़ा देने का ऐलान किया था.

क़यास लगाए जा रहे थे कि बिजनौर गोलीकांड एक सामान्य अपराध की बजाय धार्मिक घृणा का मामला हो सकता है. अब आगे बढ़ती हुई तफ्तीश के साथ अपराध की प्रकृति साफ होती जा रही है. 

इससे पहले कैच न्यूज़ ने एफआईआर की कॉपी से खुलासा किया था कि हमलावरों में पीड़ितों की धार्मिक पहचान को लेकर गुस्सा था. पीड़ित जब आरोपी के घर शिकायत लेकर गए तो गाली देने के साथ-साथ उनसे कहा गया कि 'आज मुसलमानों को यहां से उजाड़ दो.'

First published: 19 September 2016, 1:39 IST
 
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