Home » इंडिया » BJP can break in up, many leaders of party are not happy with yogi adityanath
 

BJP में फूट के आसार, योगी से नाराज हैं पार्टी के कई बड़े नेता और मंत्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 March 2018, 11:11 IST

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को उम्मीद रही होगी कि योगी आदित्यनाथ अपने संरक्षण में पार्टी को आगे बढ़ाएंगे और पार्टी को बांधकर चलेंगे. लेकिन सरकार के एक साल बीत जाने के बाद पार्टी की भीतरी कलह खुलकर सामने आ गई है.

खबर है कि यूपी में बीजेपी में टूट पड़ सकती है. कारण यह बताया जा रहा है कि कई मंत्री और बड़े नेता योगी आदित्यनाथ से खुश नहीं हैं. खबर है कि योगी सरकार से नाराजगी के कारण ही नेता पार्टी के जनाधार को मजबूत करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. इसका कारण कई नेताओं की पावर छीन लेना बताया जा रहा है.

कहा जा रहा है कि नेताओं की पावर छीनने से नेता पुलिस को निर्देश नहीं दे पा रहे हैं. इसके अलावा परमिट और कोटे का कंट्रोल भी उनके पास नहीं रह गया है. योगी आदित्यनाथ से नाराज होने के कारण नेता पार्टी का जनाधार बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.

कुछ नेताओं का कहना है कि योगी आदित्यनाथ 'वन मैन शो' की तरह अपने मठ को चलाने के आदी रहे हैं. बड़े नेता इस बात से भी योगी आदित्यनाथ से निराश हैं क्योंकि सरकार चलाने में उनका कम अनुभव है. नेताओं का मानना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की मुसीबतें बढ़ सकती हैं.

मीडिया की खबरों के अनुसार, कुछ नेता यह भी कह रहे हैं कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली जबरदस्त जीत में गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित वोटों का समर्थन था. नेताओं की नाराजगी इस बात से है कि इसके बाद भी पार्टी ने एक ठाकुर को सीएम बना दिया. इसके अलावा किसी ओबीसी नेता की जगह एक ब्राह्मण को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया. इस कारण उप-चुनाव में भाजपा का ओबीसी और दलित वोटबैंक छिटक गया.

इसके साथ कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी के बड़बोलेपन नेताओं की वजह से भी पार्टी को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा. जिस तरह चुनाव से पहले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मुलायम सिंह यादव की तुलना रावण और मायावती की तुलना शूर्पणखा से की थी, उससे भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा.

पढ़ें- 'नरेंद्र मोदी ऐप' यूजर्स की निजी जानकारी भेज रहा है अमेरिकी कंपनी को : साइबर एक्सपर्ट

भाजपा भले ही गोरखपुर और फूलपुर उप-चुनाव में मिली हार का ठीकरा बसपा-सपा गठबंधन से बने जातीय समीकरणों पर फोड़े, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इस हार से पता चलता है कि भाजपा का कैडर पार्टी से खुश नहीं है.

First published: 25 March 2018, 11:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी