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सुप्रीम कोर्ट में जमानत को मिली चुनौती से तिलमिलाया शहाबुद्दीन

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2016, 18:57 IST
QUICK PILL
  • पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)  के पूर्व सांसद और माफिया मोहम्मद शहाबुद्दीन ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी मेरी जमानत को लेकर दुखी है.
  • माफिया से नेता बने शहाबुद्दीन की रिहाई को बीजेपी बेहद आक्रामक रही है. बीजेपी शुरू से ही उसके खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) लगाने की मांग करती रही है. सीसीए लगने की स्थिति में शहाबुद्दीन को अगले एक साल तक जमानत नहीं मिल सकती. 

पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)  के पूर्व सांसद और माफिया मोहम्मद शहाबुद्दीन ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी मेरी जमानत को लेकर दुखी है.

राजीव रौशन हत्याकांड में 11 साल बाद जेल से जमानत पर बाहर आए शहाबुद्दीन ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी को मेरी रिहाई से समस्या है. वह मुझे लेकर इतना क्यों परेशान हो रही है? क्यों किसी राजनीतिक पार्टी को मेरी रिहाई से परेशानी होगी? वह इसलिए परेशान हैं क्योंकि बिहार में उनकी पकड़ कमजोर होती जा रही है.'

राजदेव रंजन की हत्या मामले को लेकर उसने कहा, 'बीजेपी को न तो राजदेव रंजन और नहीं चंद्रकेश्वर से प्यार है. वह केवल मेरी जमानत के खिलाफ हैं.' उसने पूछा कि राजदेव रंजन मामले में मेरा नाम कहां से आ गया? क्या पुलिस की एफआईआर में या चार्जशीट में मेरा नाम है?

राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में पुलिस की एफआईआर में शहाबुद्दीन का नाम नहीं है लेकिन इस मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई हैं वह शहाबुद्दीन के करीबी रहे हैं.

जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने तत्काल बाद बयानबाजी करते हुए  नीतीश कुमार को अपना नेता मानने से इनकार कर दिया था. उसने कहा था कि लालू यादव मेरे नेता हैं और उनके साथ मेरे संबंधों को बताने की जरूरत नहीं है. 

माफिया से नेता बने शहाबुद्दीन की रिहाई को बीजेपी बेहद आक्रामक रही है. बीजेपी शुरू से ही उसके खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) लगाने की मांग करती रही है. सीसीए लगने की स्थिति में शहाबुद्दीन को अगले एक साल तक जमानत नहीं मिल सकती. 

बिहार सरकार ने हाल ही में मोकामा के निर्दलीय विधायक और बाहुबली अनंत सिंह के खिलाफ सीसीए लगाया था. बीजेपी का कहना रहा है कि बिहार सरकार ने बेहद सधे हुए तरीके से शहाबुद्दीन की जमानत की जमीन तैयार की. 

यह सही है कि बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन की जमानत के बाद उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने के फैसले को लेकर कुछ नहीं कहा. 

बाद में जब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने राजीव रौशन के पिता की अपील पर शहाबुद्दीन की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देन की घोषणा की तो बिहार सरकार की नींद खुली. 

बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन के खिलाफ राजनीतिक कारणों से सीसीए तो नहीं लगाया लेकिन उसकी जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनेे का फैसला लिया है.

शहाबुद्दीन ने कहा, 'मैं वहीं करुंगा जो मुझे करना है. मैंने अभी तक वहीं किया  है जो मैंने  चाहा है. सरकार जो चाहती है वह करे. मैं इस पर क्या टिप्पणी कर सकता हूं? सीसीए लगाने का आधार बनाया जाएगा और फिर उसे लगा भी दिया जाएगा. मेरी समझ से हर स्थिति का एक आधार होता है. लेकिन फैसला उसी पर लिया जाएगा जो सरकार कहेगी.'

शहाबुद्दीन ने कहा कि उसे नहीं लगता कि कोई उसके खिलाफ है. उसने कहा, 'मैं किसी आम आदमी की तरह ही हूं जिसे अदालत के आदेश का पालन करना होता है. जो भी फैसला हो मैं उसका पालन करुंगा.'

मारे गए पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में आरोपी शूटर मोहम्मद कैफ के साथ होने के बारे में पूछे जाने पर उसने कहा, 'मेरी उसके साथ तस्वीर क्यों नहीं हो सकती? उसका अपने मोहल्ले में झगड़ा हो गया तो आप उसे शूटर बुला रहे हैं. वह दिहाड़ी पर काम करता है और 10,000 रुपये कमाता है. वह इसी रकम से अपने पूरे परिवार का पेट पालता है.'

अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को राजनीति साजिश बताते हुए उसने कहा उसे पहले के मामलों में अदालत से क्लीन चिट मिली है. वहीं मौजूदा मामले में हाई कोर्ट ने ही उसे बेल दी है. शहाबुद्दीन ने कहा कि बीजेपी को उसकी रिहाई से चिंतित है. 

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First published: 16 September 2016, 18:57 IST
 
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