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बीजेपी सांसद: न्यायपालिका क्यों नहीं है जवाबदेह ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

लोकसभा में मंगलवार को बीजेपी के दौसा से सांसद और राजस्थान के पूर्व डीजीपी हरीश मीणा ने न्यायपालिका पर निशाना साधा. मीणा ने कहा कि न्यायपालिका किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है. वो केवल दूसरों को निर्देश देती रहती है.

बीजेपी के हरीश मीणा ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए देश में अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन की मांग की, जिससे न्यायाधीशों का चयन और कामकाज पारदर्शी हो.

हरीश मीणा ने आरोप लगाया कि ज्यादातर जजों और वकीलों के परिवारों के लोग ही न्यायाधीश बन जाते हैं. इससे पूर्व बीजेपी के दो अन्य सांसद, अर्जुन राम मेघवाल और उदित राज कुछ अन्य मुद्दों पर संसद में न्यायपालिका पर इसी तरह के आरोप लगा चुके हैं.

'विधायिका को नसीहत में व्यस्त'


मीणा ने विधायिका और कार्यपालिका के अधिकारों पर ‘अतिक्रमण’ के विषय को भी इसमें रखा. मीणा ने सदन में कहा कि विधायिका जनता के प्रति जवाबदेह है और कार्यपालिका सरकार के प्रति जवाबदेह है, लेकिन न्यायपालिका किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है.

बीजेपी सांसद ने कहा कि भारत में अगर लोग सबसे ज्यादा किसी चीज से प्रताड़ित हैं, तो वह न्यायपालिका की कार्यप्रणाली से.

सांसद मीणा ने कहा कि देश की विभिन्न अदालतों में करोड़ों मामले लंबित हैं और एक मामले को निपटाने में 20 साल लग जाते हैं, जिसे एक साल में निपटा लेना चाहिए.

वे अपना काम ठीक से नहीं करते बल्कि कार्यपालिका को बताते हैं कि वे क्या करें. न्यायपालिका केवल विधायिका को बताती रहती है कि यह करें और यह नहीं करें.

First published: 11 May 2016, 10:54 IST
 
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