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बीजेपी सांसद हुकुम सिंह: कैराना में हिन्दू-मुस्लिम समस्या नहीं है

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 June 2016, 14:34 IST

कैराना मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद हुकुम सिंह अपने पुराने दावे से पलटते नजर आ रहे हैं. एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा है कि इस मामले को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है. कैराना में हिन्दू-मुस्लिम समस्या नहीं है.

हुकुम सिंह ने कहा कि शहर में अपराधियों का आतंक है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल है. उन्होंने कहा कि पूरा मामला सांप्रदायिक नहीं, बल्कि अपराधियों से जुड़ा हुआ है.

2013 में मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक दंगों के आरोपियों में से एक हुकुम सिंह ने कुछ दिनों पहले कहा था कि कैराना कस्बे से 346 हिंदू परिवार, मुस्लिमों के आतंक के कारण पलायन कर चुके हैं.

कैराना का पूरा सच वह नहीं है जो हुकुम सिंह बता रहे हैं

उनके इस बयान पर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश का राजनीतिक तापमान बढ़ गया. इलाहाबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कैराना मामले को आंख खोलने वाला बता रहे थे.

सांप्रदायिक संघर्ष का अतीत नहीं

कैच ने अपनी विशेष पड़ताल में पाया कि कैराना में सांप्रदायिक संघर्ष या तनाव का कोई इतिहास नहीं रहा है और बीजेपी इसे बेवजह मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है.

कैच को मिली जानकारी के अनुसार पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने हुकुम सिंह द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूची की जांच करनी प्रारंभ कर दी है. सिंह द्वारा सूचीबद्ध किये गए 346 परिवारों में से 119 की जांच की जा चुकी है.

रिपोर्ट के अनुसार सूचीबद्ध लोगों में से चार की मौत हो चुकी है और 13 लोग अभी भी कैराना में ही रह रहे हैं. रिपोर्ट आगे कहती है कि 68 परिवारों को कैराना छोड़े कम से कम पांच और अधिकतम 15 साल हो चुके हैं. इनके कैराना छोड़ने की वजहें भी सांप्रदायिक न होकर बेहतर व्यापार, रोजगार, स्वास्थ्य या फिर अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा रही है.

प्रशासन की जांच के बाद हुकुम सिंह का कहना है कि यह लिस्ट उनके कार्यकर्ताओं ने तैयार की थी. उन्होंने कहा, "प्रशासन कोई सूची जारी करे तभी तो जवाब दूंगा. हो सकता है इस लिस्ट में कोई गलती हुई हो. गलती सामने आई तो मैं मान लूंगा. अब भी मैं 346 लोगों की अपनी सूची पर बरकरार हूं."

First published: 14 June 2016, 14:34 IST
 
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