Home » इंडिया » BJP Savitri Bai Phule says lord Ram made Hanuman Monkey, he was dalit
 

भगवान राम के बाद अब सियासत में फंसे हनुमान, मोदी की सांसद बोलीं- राम ने बजरंगबली को बनाया बंदर

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 December 2018, 9:13 IST

देश में चुनावों के मौसम में अभी तक राम मंदिर का मुद्दा गर्माया हुआ था. राम के बाद अब भगवान हनुमान के दलित होने को लेकर सियासत शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमान को दलित कहने के बाद से ही अब बजरंगबली को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. भगवान हनुमान की जाति को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी की सांसद सावित्री बाई फुले ने सीएम योगी के बयान का समर्थन करते हुए उसमे एक और नई बात जोड़ दी है. यूपी के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा है कि हनुमान जी दलित थे. इसके साथ ही उन्होंने ये ज्ञान भी दिया कि हनुमान जी मनुवादियों के गुलाम थे.

भाजपा सांसद ने कहा, ''हनुमान दलित थे और मनुवादियों के गुलाम थे. अगर लोग कहते हैंं कि भगवान राम हैं और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमान जी ने किया था. उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिये था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया. उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गयी. चूंकि वह दलित थे इसलिये उस समय भी उनका अपमान किया गया.''

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के इमरान खान भारत में नरेंद्र मोदी की जगह इनको बनाना चाहते हैं PM !

भगवान हनुमान की जाति और कर्मों का व्याख्यान करने के बाद उन्होंने कहा कि देश अब भगवान् या मंदिर के नाम पर नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि देश तो संविधान के नाम पर ही चलेगा. भारत के संविधान को धर्मनिरपेक्ष बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के संविधान ने सभी धर्मों को बराबरी का अधिकार दिया है. संविधान के तहत हर धर्म को सुरक्षा की गारंटी मिली है. ईसिस एक साथ उन्होंने अपील करते हुए कहा कि लोगों को संविधान के तहत बात करनी चाहिए. इतना ही नहीं उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के बयानों पर भी कहा की बेतुकी बातों से जनता भी एक बार सोचने के लिए मजबूर हो जाती है. जो कि पार्टी की साख के लिए अच्छा नहीं है.

ये भी पढ़ें- यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को कह दिया दलित, मच गया बवाल..

गौरतलब है कि भगवान् हनुमान को लेकर सिसायत तब शुरू हुई जब बीते दिनों राजस्थान के अलवर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक रैली को सम्बोधित करते हुए हनुमान जी को दलित और वनवासी बताया था. इसके बाद सीएम योगी विवादों में फंस गए और इस टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ नोटिस भी जारी हुआ था.

इसके बाद से ही हनुमान को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई. केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने हनुमानजी की नस्ल खोज निकाली. उन्होंने कहा कि हनुमान दलित नहीं आर्य नस्ल के थे. उन्होंने आगे कहा कि हनुमान जी की जाति नहीं बल्कि नस्ल थी. सत्यपाल सिंह ने इसके आगे भी ज्ञान देते हुए कहा कि राम और हनुमान के समय में जाति व्यवस्था नहीं थी, बल्कि उस जमाने में वर्ण व्यवस्था थी.

First published: 5 December 2018, 9:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी