Home » इंडिया » bjp leaders and their workers under pressure after uri attack,
 

उरी हमले पर प्रतिक्रिया को लेकर भाजपा काडर दुविधा और दबाव में

सुहास मुंशी | Updated on: 23 September 2016, 7:22 IST
QUICK PILL
  • भाजपा नेताओं ने हमले वाले दिन कहा था कि \'प्रतिक्रिया नहीं करना कायरता होगी\', और राम माधव तो एक दांत के बदले पूरे जबड़े की मांग कर रहे थे. मगर अब संयम बरतने के लिए कहा जा रहा है. 
  • उत्तरप्रदेश में पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा, \'बेशक जनता पूरे समय इसके बारे में पूछ रही है. हर पान वाले की दुकान पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है. जनता जवाब मांग रही है लेकिन इससे हमारी नैतिकता कमजोर नहीं पडऩी चाहिए. 

अधिकांश आंतरिक सुरक्षा विशेषज्ञ सरकार के फैसले से सहमत हैं कि भारत को उरी पर हुए आतंकी हमले पर अपनी प्रतिक्रिया का एलान नहीं करना है. पर मोदी की चुप्पी और उरी पर हुए हमले के एक दिन बाद उसके खिलाफ बोलते हुए पार्टी हाई कमान के आदेश ने पार्टी की रैंक और फाइल पर निश्चित रूप से दबाव डाला है। आरएसएस ने पूरे प्रकरण पर अब तक उल्लेखनीय रूप से मौन बनाए रखा है. 

भाजपा नेताओं ने हमले वाले दिन रविवार को राज्य मंत्री ( प्रधानमंत्री कार्यालय) जितेंद्र सिंह के साथ आक्रोश से कहा था कि 'प्रतिक्रिया नहीं करना कायरता होगी', और राम माधव तो एक दांत के बदले पूरे जबड़े की मांग कर रहे थे. पर उसके बाद शायद पार्टी ने अपने रवैये पर पुनर्विचार कर लिया है. तब से भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया काफी नरम है. केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद की शिकायत थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध 'पहले जैसे कभी नहीं रहेंगे' और पूर्व सेना प्रमुख और विदेशी मामलों के मंत्री वी.के.सिंह ने तो सेना को यह तक सलाह दे दी कि वे समुचित योजना के साथ,  'सावधानी' से हमले पर प्रतिक्रिया करें.

जब पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य से पूछा गया कि क्या वे जानते हैं कि किस तरह वॉट्सएप पर जोक्स के माध्यम से उनकी पार्टी की खिल्ली उड़ाई जा रही है, और क्या वे उनका दबाव महसूस नहीं कर रहे, तो उन्होंने कहा उनका 'खून भी उबल रहा था, पर इस तरह के संकट के समय हमें शांत रहना है और खुले तौर पर भावुक नहीं होना है.'

पहले 1 सिर की बजाय 10 सिर मांगती थी भाजपा

यह वही पार्टी है, जिन्होंने 2013 में कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर लांस नायक हेमराज का सिर्फ धड मिलने पर पूरी राजधानी में जबरदस्त आक्रोश के साथ प्रदर्शन किए थे. आपको याद होगा, पाकिस्तान ने हेमराज का सिर धड़ से अलग कर दिया था. भाजपा नेताओं ने मांग की थी कि हमें एक भारतीय फौजी के सिर के बदले पाकिस्तानियों के दस सिर चाहिए.

उन सदस्य का जवाब था, 'हां, मैंने ये जोक्स देखे हैं. हमारा खून भी बतौर भारतीय उबलता है. पर हम क्या कर सकते हैं? यदि पार्टी ने हमें संयम बरतने के लिए कहा है, तो हमें उनके नेतृत्व पर भरोसा करना चाहिए. ऐसे मौकों पर लोग बेहद भावुक हो जाते हैं। पर हमें शांत रहना है और नेतृत्व पर भरोसा करना है. मुझे विश्वास है, सही प्रतिक्रिया होगी.'

पार्टी के सदस्य भले ही नहीं मानें, पर दिल्ली और दिल्ली के बाहर उन पर जनता का यह जानने के लिए दबाव है कि पाकिस्तान की ओर से हो रहे बार-बार हमलों के लिए उनकी सरकार की क्या प्रतिक्रिया रहेगी. पार्टी के सदस्य कहते हैं कि उन्होंने नैतिकता नहीं खोई है. 

उत्तरप्रदेश में पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा, 'बेशक जनता पूरे समय इसके बारे में पूछ रही है. हर पान वाले की दुकान पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है. जनता जवाब मांग रही है लेकिन इससे हमारी नैतिकता कमजोर नहीं पडऩी चाहिए. नेता लोग जानते हैं और हमें उन पर भरोसा है.' 

चुनाव जीतने के लिए करवा सकते हैं युद्ध

पार्टी कार्यकर्ताओं के स्वर में रूढ़िवादी राग से (इससे हमारी नैतिकता कमजोर नहीं पडऩी चाहिए) कोई भी उनके भीतर का असंतोष भांप सकता है. ये उनके शब्द नहीं हैं. सरकार की प्रतिक्रिया, कम से कम यूपी में भाजपा के रैंक और फाइल में साफ तौर पर तकाजा और अनिश्चित्तता है, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं. 

और मायावती ने अपनी स्थिति को पहले ही मुश्किल में डाल दिया है. 'मायावती ने अपनी जन रैली में कहा है कि मोदी यूपी चुनाव को जीतने के लिए पाकिस्तान के साथ युद्ध करेंगे. हम इस स्थिति में हैं कि यदि कुछ नाटकीय करते हैं, तो युद्ध उकसाने वाले कहलाएंगे और नहीं करते हैं तो कायर.'

First published: 23 September 2016, 7:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी