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बॉम्बे हाईकोर्ट: बीफ बैन सही, लेकिन गोमांस आयात अपराध नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2016, 16:56 IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में सरकार के द्वारा गोमांस यानी बीफ पर लगे बैन को सही ठहराया है.

हालांकि हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार के बीफ बैन करने के फैसले में संशोधन करते हुए महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट की उस धारा को रद्द कर दिया है, जिसमें राज्य के बाहर से गोमांस आयात करने पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान था.

इस मामले में जस्टिस एएस ओका और एससी गुप्ता की खंडपीठ ने जनवरी में बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बीफ के आयात से तत्काल प्रभाव से रोक हटा ली है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हम अपने वकीलों के साथ फैसले का अध्ययन कर रहे हैं. अगर जरूरी हुआ तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

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गौरतलब है कि बीते साल महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन (संशोधन) एक्ट को अपनी मंजूरी दी थी. 

2015 से बीफ पर बैन


नतीजतन महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2015 में राज्य में गोमांस बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि महाराष्ट्र में 1976 से ही गौहत्या पर पबंदी है, लेकिन प्रदेश सरकार के द्वारा एक्ट में संशोधन करके राज्य में गोमांस खाने और रखने पर भी बैन लगाया गया था.

नए संशोधित नियमों के मुताबिक अगर राज्य में किसी को गौहत्या का दोषी पाया जाता है, तो उसे पांच साल की सजा के साथ-साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ेगा.

वहीं गोमांस रखने के दोषी पाए जाने पर एक साल की सजा के साथ 2 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ेगा.

महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्टेट बुचर एसोसिएशन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी. अर्जी में कहा गया था कि सरकार के इस फैसले से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है.

First published: 6 May 2016, 16:56 IST
 
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