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मैगज़ीन में छपी एक्ट्रेस की ब्रेस्टफीड कराती फोटो को बताया नारी अस्मिता के खिलाफ, केस दर्ज

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 March 2018, 20:22 IST

स्तनपान स्त्रीत्व से जुड़ा एक अहम पहलू है. यहां तक की कई जगहों पर स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है. नवजात के लिए मां का दूध ही सबसे उपयुक्त होता है. पर एक मामला ऐसा सामने आया है जहा स्तनपान कराती एक्ट्रेस एक्ट्रेस फोटो को नारी अस्मिता के खिलाफ बताया गया है.

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ये फोटो एक मैगज़ीन के कवर पेज पर छपी है जिसमे एक मलयालम एक्ट्रेस एक नवजात को ब्रैस्ट फीड करा रही है. देश की मैगज़ीन गृहलक्ष्मी के कवर पेज पर ये फोटो छपी है. इस फोटो के वायरल होते ही केरल के एक वकील ने इस मैगजीन और अभिनेत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है.

 

गृहलक्ष्मी मैगजीन और अभिनेत्री गीलु जोसेफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाले पेशे से वकील हैं. इस पत्रिका का ये फोटो चारों तरफ वायरल हुआ था जिसके ठीक एक दिन बाद इस कवर फोटो को लेकर शिकायत दर्ज की गई. केस दर्ज करने वाले वकील ने दावा किया है कि ये फोटो कानून के अभद्र प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 3 और 4 का उल्लंघन करता है. इस कानून का मतलब होता है कि कोई भी प्रकाशन हाउस किसी की निजता के अधिकार को ठेस नहीं पहुंचा सकता.

हालांकि एक्टर गीलु जोसेफ का कहना है कि वो गृहलक्ष्मी के उस अभियान के सपोर्ट में हैं जिसमें महिलाओं को खुले में ब्रेस्टफीडिंग करवाने का समर्थन किया गया है.

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गृहलक्ष्मी के मलयाली एवं मार्च के अंक में स्तनपान करवाती महिला को दिखाया गया है. जो उस अभियान का हिस्सा है जो महिलाओं को एक ऐसा माहौल देने के समर्थन में हैं जिसमें महिलाएं अपने शिशु को खुले में स्तनपान करवा सकें. इस कैंपेन की टैगलाइन है कि हमें घूरना बंद करो क्योंकि हमें बच्चे को स्तनपान कराना है.

 

आज भी बच्चे की जरूरत के अनुसार महिलाएं उनको किसी पब्लिक प्लेस पर आराम से स्तनपान नहीं करवा पाती हैं.
इस मामले में याचिका दायर करने वाले वकील मैथ्यू विल्सन का कहना है कि ये तस्वीर कामुक प्रकृति वाली है और महिला की गरिमा को नीचा दिखाती है. तस्वीर का विरोध करने वाले कई लोगों की आपत्ति इस बात पर भी है कि तस्वीर में जोसेफ मंगलसूत्र और सिंदूर पहने हैं जबकि वो एक ईसाई हैं.

वैसे स्तनपान जहां मातृत्व का एक अहम पहलू है वहीं इसको 'गलत निगाह' से देखने वाले कम नहीं है. कुछ समय पहले टाइम मैग्ज़ीन ने भी कुछ इसी तरह का कवर छापा था जिसकी आलोचना हुई थी. इसके अलावा भी कई मैग्ज़ीन इस तरह के कवर प्रकाशित कर चुकी हैं.

First published: 2 March 2018, 20:22 IST
 
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