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ख़राब खाने की शिकायत करने वाले BSF जवान का हुआ कोर्ट मार्शल

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 April 2017, 15:44 IST

बीएसएफ ने खाने की शिकायत करने वाले अपने जवान तेजबहादुर यादव को कोर्ट मार्शल में दोषी पाया है. कोर्ट मार्शल के बाद बीएसएफ ने जवान तेज बहादुर यादव को बुधवार को उनकी सेवा से बर्खास्त कर दिया है. मामले की जांच कर रही टीम ने ये पाया कि तेजबहादुर यादव के कारण बीएसएफ की छवि को नुकसान हुआ है. 

गौरतलब है कि बीएसएफ ने जवान का वीआरएस ये कह कर रद्द कर दिया था कि अभी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है और मामले की जांच तक उसका ये वीआरएस हम नहीं स्वीकार कर सकते हैं. तेज बहादुर और और उसके घर वालों ने कहा था कि उन्हें डर है कि उन्हें सेना के अफसर दोषी ना बना दे.

जम्मू के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात तेज बहादुर ने पिछले साल  9 जनवरी को सोशल मीडिया में एक वीडियो डालकर खलबली मचा दी थी. इस वीडियो में उसने बीएसएफ में खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी. इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर खूब हंगामा मचा. केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी बीएसएफ से इस मामले की पूरी जांच करने को कहा था. 

तेज बहादुर के आरोपों को लेकर बीएसएफ ने एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी थी. इस  रिपोर्ट में तेज बहादुर के सभी आरोप गलत पाए गए थे और उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी. अपनी जांच में बीएसएफ ने ये भी कहा कि तेज बहादुर लगातार गलतियां करता रहता है और अफसरों ने इसके लिए उसे कई बार कड़ी सजा भी दी है. तभी से तेज बहादुर के खिलाफ बीएसएफ कोर्ट की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी भी चल रही थी.

फेसबुक पर पोस्ट किए गए अपने वीडियो में उसने कहा था, "हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते. क्‍योंकि हमें सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है. मगर हमारे उच्‍च अधिकारी ये सब बेचकर खा जाते हैं, कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है. मैं फिर कहता हूं कि भारत सरकार हमें सब मुहैया कराती है, स्‍टोर भरे पड़े हैं मगर वह सब बाजार में चला जाता है. इसकी जांच होनी चाहिए." उन्होंने पीएम मोदी से इस मामले में दखल देने की मांग की थी.

First published: 19 April 2017, 15:43 IST
 
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