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बजट 2018: बजट सत्र में हंगामे के पूरे आसार, विपक्ष उठा सकता है ये मुद्दे

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2018, 12:26 IST

1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट सत्र के आज पहले भाग की शुरुआत होगी. इसकी शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ होगी. सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सेंट्रल हॉल में संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेटली आज इकोनॉमिक सर्वे, 2018 पेश करेंगे. इकोनॉमिक सर्वे में सरकार इकोनॉमी से जुड़े अहम मुद्दों पर अपना विजन पेश करेगी.

आज से शुरू हो रहे बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संग्राम छिड़ने के पूरे आसार हैं. रविवार को सर्वदलीय बैठक में सरकार के साथ ही विपक्ष ने भी इसके साफ संकेत दे दिए.

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सरकार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के विरोध के बावजूद तीन तलाक बिल को राज्य सभा से पारित कराने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को तीन तलाक के साथ ही दूसरे ताजा मुद्दों पर घेरने की रणनीति के संकेत दिए.

 

संसद में गणतंत्र दिवस परेड में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अरेंजमेंट का मुद्दा हो या यूपी के कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा का मुद्दा. इन मुद्दों पर संदस में संग्राम छिड़ सकती है.

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र को कामयाब बनाने के लिए विपक्ष से सहयोग की मांग जरूर की, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही दिख रही है.

तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार के साथ ही विपक्ष भी अपने रुख पर अड़ा है. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने साफ किया कि तीन तलाक बिल सरकार की प्रायॉरिटी लिस्ट में टॉप पर है. अनंत कुमार ने कहा, विपक्ष को तीन तलाक बिल के मामले में जीएसटी जैसी सर्वसम्मति दिखानी चाहिए.'

 

रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की ओर से उठाए गए मुद्दों के बाद 'न्यायपालिका में संकट' के मुद्दे पर दोनों सदनों में चर्चा के लिए दबाव डालेंगे. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में 'न्यायपालिका संकट' का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट से जुड़े विवादास्पद घटनाक्रम पर संसद में चर्चा करने की जरूरत है.

इसके अलावा विपक्ष हरियाणा में हो रही दुष्कर्म की घटनाओं पर केंद्र से सवाल पूछ सकता है. यूपी के कासगंज में जारी हिंसा के मुद्दे पर भी घमासान हो सकता है. पद्मावत फिल्म पर करणी सेना के बवाल का मुद्दा भी संसद में गूंज सकता है.

समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव भी युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठा सकते हैं. उन्होंने सर्वदलीय बैठक में इसके संकेत दिए हैं.

First published: 29 January 2018, 10:54 IST
 
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