Home » इंडिया » Budget 2019: Finance Minister Nirmala Sitharaman taking help of these six top official
 

Budget 2019: कौन हैं वो 6 लोग, जिनके बिना बजट पेश नहीं कर सकतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2019, 14:10 IST

Budget 2019: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश होगा. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन के पटल पर बजट रखेंगी. इससे पहले आज (4 जुलाई) वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. बजट में लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की मोदी सरकार पूरी कोशिश करेगी. 

मोदी सरकार का पहला बजट भले ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. लेकिन यह काम वह बिना इन छ: लोगों की सहायता के नहीं कर सकती हैं. इन छ: लोगों की टीम में वित्त मंत्रालय के बहुत खास चेहरे हैं.

 

निर्मला सीतारमण जिस टीम के भरोसे अपने काम को अंजाम देने जा रही हैं, उनमें कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, सुभाष गर्ग, अजय भूषण पांडेय, जीसी मुर्मू, राजीव कुमार और अतनू चक्रवर्ती शामिल हैं. इन लोगों के जिम्मे ही मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के पहले बजट को धार देने की जिम्मदारी है.

कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम: के सुब्रमण्यम के नाम से जाने वाले यह व्यक्ति मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं. अर्थव्यवस्था को धार देने की सबसे अधिक जिम्मेदारी इनके ही कंधे पर है. के सुब्रमण्यम यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से फाइनैंशल इकोनमिक्स में पीएचडी होल्डर हैं. 

सुभाष गर्ग: वित्त सचिव सुभाष गर्ग नॉर्थ ब्लॉक के सबसे पुराने चेहरों में से हैं. अपने सेवाकाल में उन्होंने कई बजट देखे हैं. इनके सामने इस बार सुस्त होती अर्थव्यस्था, उपभोग के वस्तुओं की घटती मांग और प्राइवेट इनवेस्टमेंट में कमी जैसी चुनौतियां सामने हैं. जिनसे निजात दिलाना इनकी सबसे बड़ी चुनौती है.

 

अजय भूषण पांडेय: रिवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडेय की भूमिका AADHAAR के मामले में बखूबी देखी जा चुकी है. रिवेन्यू की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है.

जीसी मुर्मू: व्यय सचिव जीसी मुर्मू गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. पहले वह फाइनैंस सर्विस और रिवेन्यू डिपार्टमेंट में सेवाएं दे चुके हैं. योजनाओं को लागू करने में इनकी खासी भूमिका रही है.

राजीव कुमार: फाइनेंशियल सर्विस सेक्रेटरी राजीव कुमार के ऊपर बैड लोन काबू करने की जिम्मेदारी है. मोदी सरकार की कई योजनाओं को धरातल पर उतारने में इनका काफी योगदान रहा है. 

अतनू चक्रवर्ती: डीआईपीएएम सचिव अतनू चक्रवर्ती 1985 गुजरात बैच के आईएएस अधिकारी हैं.  इन्होंने पिछले साल विनिवेश के टारगेट को समय रहते पूरा किया था.

आर्थिक सर्वेक्षण: देश की GDP ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान, पिछले 5 साल में हुआ तेज विकास

RSS मानहानि केस में राहुल गांधी की मुंबई कोर्ट में हुई पेशी, अदालत ने सुनाया ये फैसला

First published: 4 July 2019, 14:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी