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इनकम टैक्स में मिली छूट, वरदान या कन्फ्यूज़न? जानें क्या है इसकी हकीकत

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 February 2019, 12:56 IST

मोदी सरकार के आखिरी अंतरिम बजट में टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स में के नए नियमों में कई बड़े बदलाव किये गए. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस अंतरिम बजट में उम्मीद से आगे जाकर 5 लाख सालाना आय वालों को इनकम टैक्स से मुक्त करने का ऐलान किया है. संसद में बजट के इस ऐलान के तुरंत बाद से ही सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में 'मिडिल क्लास को बड़ी राहत' नाम से घोषणाएं शुरू हो गई. हर जगह यह खबर दौड़ने लगी कि 5 लाख रुपये तक सालाना आय के टैक्स स्लैब को टैक्स फ्री कर दिया गया है.

इस ऐलान से लोगों ने अंदाजा लगाया कि चुनावी मौसम में मध्यमवर्ग को साधने के लिए मोदी सरकार ने टैक्स ढांचे में बड़ा परिवर्तन कर दिया है. सरकार ने टैक्स ब्रैकेट को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है.

अंतरिम बजट में 5 लाख की टैक्सेबल इनकम को टैक्स फ्री घोषित किया जाना कंफ्यूजन क्रिएट करता है. अंतरिम बजट में शब्दों का खेल को समझने के लिए जनता क वक़्त ही नहीं मिला. और टैक्स रिबेट को लेकर ये कंफ्यूशन जनता तक बिजली की गति से प्रचारित हो गया. हालांकि इस कंफ्यूशन का निवारण बजट के बाद प्रेस वार्ता करने पहुंचे पीयूष गोयल की बातचीत से हुआ.

क्या है इस घोषणा की सच्चाई

गौरतलब है कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट पेश करने के दौरान टैक्स में एक्जम्पशन (Exemptions) की जगह रीबेट (Rebate) शब्द का इस्तेमाल किया है. इस तकनीकी शब्द को समझे बिना ही लोगों में उत्साह फ़ैल गया और सदन में ही 'मोदी-मोदी' के नारे लगने लगे. जबकि वित्त मंत्री ने बेसिक एक्जम्पशन लिमिट में बढ़त की है. लेकिन इसके लिए जरुरी है कि पहले फाइनेंस बिल की प्रति को देखा जाए. क्योंकि बजट के दौरान दिए गए भाषण की सही और सटीक व्याख्या बिल में ही होती है.

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अगर फाइनेंस बिल देखें तो ये मालूम होता है कि बजट के दौरान दी गई स्पीच में रीबेट की जगह इनकम टैक्स में एक्जम्पशन का प्रयोग किया गया है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत ये रिबेट टैक्सपेयर को दी जा रही है. जिसके अंतर्गत 2,500 रुपये के टैक्स रीबेट की सीमा को बढ़ाकर 12,500 रुपये करने के 'संशोधन का प्रस्ताव' देने की बात है.

बता दें, यहां पर संशोधन के प्रस्ताव की बात कही गयी है, जो कि फाइनेंस बिल के बाद ही लागू होगा वो भी यदि संशोधन हुआ तब. वहीं इस बिल में इसके आगे लिखा गया कि टैक्स रीबेट अब केवल 5 लाख रुपये तक की कुल सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर को मिलेगा. वहीं पहले यह 3.5 लाख रुपये की कुल सालाना आय वाले टैक्सपेयर को मिलता था.

 

First published: 2 February 2019, 12:56 IST
 
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