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Budget 2019: सरल भाषा में जानिए क्या होता है कैपिटल गेन टैक्स

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2019, 0:52 IST

Budget 2019: हर व्यक्ति अपने अपने भविष्य को सुरक्षित रखना चाहता है, ऐसे में कई लोग अलग-अलग जहगों पर इसके लिए निवेश करते है. वहीं कुछ निवेस ऐसे भी होते है जिसमें होने वाले मुनाफे पर आपको सरकार को टैक्स चुकाना होता है. इसी टैक्स को कैपिटल गेन टैक्स कहते है. यानि अगर आपने की निवेश किया है और उस निवेश पर आपको जो ब्याज मिलता है वो आपका मुनाफा होता है या फिर आपको जो मुनाफा मिला है उस पर जो टैक्स हुआ वो टैक्स हुआ वो कैपिटल गेन कहलाएगा.

कैपिटल गेन टैक्स में को भागों मे वर्गिक्रित किया गया है. पहला है शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स और दूसरा है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स.

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स

जैसे नाम से ही पता चल रहा है कि अगर आपने किसी म्युचुअल फंड में पैसा लगाया है और उसे आप एक साल के अंदर ही निकाल लेते है तो ऐसे में मौजूदा नियमों के अनुसार आपको जो मुनाफा हुआ है उस पर 15 फीसद चुकाना होगा. यह टैक्स उन सभी नौकरीपेशा लोगों को देना होचा है जो 0 से 30 फीसद टैक्स स्लैब के अंदर आते है.

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स

साल 2018 से पहले तो अगर आप कुछ भी बेचते थे और उसमें में जो आपका मुनाफा होता था उस पर आपको किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होता था. लेकिन साल 2018 में निययों में बदलाव किया गया. जिसके बाद अगर आपने कुछ बेचा और उस पर आपको एक लाख से अधिक का मुनाफा हुआ है तो ऐसी स्थिति में आपको सरकार को उस मुनाफे का 10 फीसदी टैक्स के रूप में चुकाना होता था. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में घर, प्रॉपर्टी, बैंक एफडी, ज्वेलरी, बॉन्ड, एनपीएस और कार आदि से हुए मुनाफे टैक्स देना होेता था. वहीं साल 2018 में शेयर बजार से मुनाफा कमाने वाले पर भी यह टैक्स लगाया गया. आपको बता दें, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की कैल्कूलेशन अलग अलग सेगमेंट से हिसाब से होती है.

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First published: 5 July 2019, 0:53 IST
 
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