Home » इंडिया » Budget 2019: why finance minister carry a suitcase for budget, know all traditions of budget
 

Budget 2019: इस ख़ास वजह से 'सूटकेस' लेकर बजट पेश करने जाते हैं वित्तमंत्री? जानें क्या हैं परम्पराएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 February 2019, 11:29 IST

लोकसभा चुनावों के पहले आज मोदी सरकार के कार्यकाल का आखिरी अंतरिम बजट पेश किया जा रहा है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल आज अपना पहला बजट पेश कर रहे हैं. चुनावी मौसम में पेश किये जा रहे इस बजट से देश की जनता को कई उम्मीदें हैं. कहा जा रहा है कि किसानों और मध्यमवर्ग के लिए इस बार सरकार कई बड़ी योजनाएं ला सकती है.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल बजट पेश करने के लिए 'सूटकेस' लेकर सदन पहुंचे. हर बार अपने देखा होगा कि बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री एक सूटकेस लेकर सदन पहुंचते हैं. यहां हम आपको बताते हैं कि आखिर सूटकेस लेकर जाने के पीची क्या कारण है? दरअसल देश में बजट से जुड़ी कई ऐसी परम्पराएं हैं जो कि सालों से चली आ रही हैं आज हम आपको बजट से जुड़ी परम्पराओं के बारे में बताते हैं.

क्यों ले जाते हैं 'सूटकेस'

हर बार जब भी बजट पेश किया जाता है हर बार वित्त मंत्री एक सूटकेस के साथ सदन जाते हैं. आपने गौर किया होगा वित्त मंत्री बजट पेश करने के पहले सूटकेस के साथ तस्वीर भी खिंचवाते हैं. सूटकेस की इस परंपरा के बारे में कहा जाता है कि जब साल 1860 में ब्रिटेन के ‘चांसलर ऑफ दी एक्‍सचेकर चीफ’ विलियम एवर्ट ग्‍लैडस्‍टन फाइनेंशियल पेपर्स के एक बंडल को लेदर के एक बैग में लेकर आए थे तभी से बजट पेश करने के लिए सूटकेस ले जाने की इस परंपरा की शुरुआत हुई. बता दें, यूनाइटेड किंगडम (यूके) के वित्त मंत्री इसी तरह से एक लाल रंग के लेदर सूटकेस का प्रयोग करते हैं.

 

1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट

केंद्रीय बजट को पूरी तरह से तैयार करने में तकरीबन 5 महीने से 7 महीने तक का वक़्त लग जाता है. याद हो, पूर्व में बजट को फरवरी के अंतिम वर्किंग डे पर पेश किया जाता था. लेकिन 2 साल पहले यानी साल 2017 में अरुण जेटली ने बजट पेश करने की तारीख को बदलते हुए फरवरी के अंतिम वर्किंग दिवस से 1 फरवरी कर दी. तभी से अब बजट 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है. बता दें, आज पेश किया जाने वाला ये बजट पूर्ण बजट न होकर अंतरिम बजट है.

इतना ही नहीं बजट का समय भी बदला गया है. साल 1999 तक केंद्रीय बजट शाम के 5 बजे पेश किया जाता था. साल 2001 में इस समय को बदल कर सुबह 11 बजे रखा गया. ये बदलाव तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने किया था.

 

 

First published: 1 February 2019, 11:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी