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ओडिशा: हॉस्टल से मैराथन धावक बुधिया लापता!

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2016, 15:01 IST
(फाइल फोटो)

नन्हीं उम्र में बड़े कारनामें कर चुके धावक बुधिया सिंह के बारे में खबर है कि वो ओडिशा में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के हॉस्टल से लापता हो गए हैं.

बुधिया ने चार साल की उम्र में अपने कोच बिरंची दास की ट्रेनिंग की बदौलत 2006 में पुरी और भुवनेश्वर के बीच 60 किमी की दौड़ लगाकर केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को चौंका दिया था. 

सूचना के मुताबिक भुवनेश्वर के डीएवी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र बुधिया सिंह गर्मी की छुट्टी के बाद पिछले महीने साई हॉस्टल में आए थे.

मां ने खत का नहीं दिया जवाब

खबरों के मुताबिक, बुधिया के कथित तौर पर गायब होने के मामले में उसके कोच रूपनिता पांडा ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने उसकी मां को दो पत्र भेजे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया कि बुधिया कहां है. बुधिया की मां भुवनेश्वर के सलियासाही की झुग्गी में रहती हैं.

वहीं बुधिया की बहन ने कहा कि उसका भाई अपने चाचा के घर गया था और हो सकता है कि वह पिछले महीने वहां से लौट आया हो.

गौरतलब है कि ओडिशा सरकार ने छोटी उम्र में लंबी दौड़ से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर बुधिया के मैराथन दौड़ में शामिल होने पर रोक लगा दी थी.

9 साल पहले साई हॉस्टल में दाखिला

उसके बाद राज्य सरकार की ओर से उसे प्रशिक्षण देने के लिए 2007 में साई हॉस्टल में दाखिला दिलाया गया. राज्य सरकार साई हॉस्टल में बुधिया की शिक्षा, कपड़े और भोजन का खर्च उठाती है.

हालांकि उसके पूर्व कोच बिरंची दास चाहते थे कि वह भारत की ओर से ओलंपिक मैराथन में दौड़े. ऐसा कहा जा रहा है कि बुधिया हॉस्टल में नहीं रहना चाहता है और वह हॉस्टल छोड़ना चाहता है. उसने कहा कि वह हॉस्टल में रहकर रोजाना केवल डेढ़ किलोमीटर ही दौड़ पाता है.

इसके अलावा उसने कोच रूपनिता पांडा पर आरोप लगाया कि वह उसे दौड़ में स्पीड बढ़ाने पर जोर डालते हैं, जबकि वह तेज धावक नहीं बनना चाहता है और उसे तेज धावक बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

First published: 8 July 2016, 15:01 IST
 
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