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बुलंदशहर गैंगरेप: पीड़ित परिवार की पहचान उजागर करके फंसे आईजी साहब

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 9 August 2016, 16:29 IST
(पत्रिका)

बुंलदशहर गैंगरेप मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी पीठ थपथपाने में यूपी पुलिस इस कदर मशगूल हो गई कि उसने पीड़ित परिवार को ही संवाददाता सम्मेलन में अपने बगल बिठा लिया. गैंगरेप केस में अभियुक्त सलीम बावरिया की गिरफ्तारी के बाद मेरठ पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में प्रेस वार्ता की.

इसी दौरान मेरठ जोन के आईजी सुजीत पांडे ने पीड़ित परिवार का नाम उजागर कर दिया. जबकि एेसे मामलों में पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर करना कानूनन गलत है.

हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि मैंने पीड़िता का नहीं उसके परिवार का नाम लिया है, जो लिया जा सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान पीड़िताओं ने कर ली है, वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि पहचान नहीं करवाई गई है.

आईजी सुजीत पांडे ने बताया कि सोमवार को मेरठ से पकड़े गए तीनों आरोपी कन्नौज के रहने वाले हैं. वारदात को अंजाम देने के बाद इनमें से दो आरोपी झारखंड भाग गए थे.

आईजी मेरठ जोन ने बताया कि बुलंदशहर क्राइम ब्रांच और नोएडा एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पहले आरोपी सलीम बावरिया किठौर उसके बाद परीक्षितगढ़ और बाद में मवाना में एक साथी के घर रुका हुआ था. पुलिस ने पूरी टीम के साथ वहां छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

छह आरोपी गिरफ्तार

मेरठ से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी सलीम समेत 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. जबकि एक आरोपी फाती अब भी फरार है.

आईजी सुजीत पांडेय ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में बताते हुए कहा कि इन तीनों को मेरठ में छापा मारकर पकड़ा गया है. उनके पास से 2 तमंचे, 4 कारतूस, महिलाओं के गहने, नकद रुपए, जींस और टीशर्ट बरामद किए गए हैं.

इसके साथ ही घटनास्थल से कपड़े, बाल आदि बरामद किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. तीनों आरोपियों के नाम सलीम, परवेज और जुबेर हैं. 

सख्त सजा की उम्मीद

आईजी सुजीत पांडे ने बताया कि घना अंधेरा होने के बाद भी पीड़ित पक्ष ने आरोपियों को पहचान लिया है. उन्होंने बताया कि ये लोग कार का गेट खोल रहे थे. इस दौरान कार की लाइट जली थी. जिससे पीड़ितों ने आरोपियों को पहचान लिया.

इधर आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित पिता ने कहा कि गुस्सा तो बहुत है, लेकिन अब मैं कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता. मुझे कानून पर पूरा विश्वास है. कानून आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देगा. 

अपग्रेड होगा 100 नंबर

आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह गिरोह पहले रेकी करता था. इसके बाद घटना को अंजाम देता था. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ. आईजी का कहना है कि गिरोह के लोग औरतों को अलग कर देते थे, ताकि उनसे लूटपाट कर सकें.

आईजी ने इस दौरान बताया कि 100 नंबर को अपग्रेड किया जाएगा. इसके अलावा एनच-24, 94 और 91 पर पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाएगा. यहां पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो सके.

First published: 9 August 2016, 16:29 IST
 
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