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बुलंदशहर रेपकेस: अखिलेश सरकार हुई सख्त, 4 पुलिस अधिकारी सस्पेंड

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2016, 10:49 IST

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शुक्रवार की रात दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मां-बेटी के साथ हुए सामूहिक रेप के मामले में अखिलेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने सख्ती दिखाते हुए बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, सिटी एसपी राममोहन सिंह और सर्किल अफसर (सदर) हिमांशु गौरव और और कोतवाली देहात के एसएचओ रामसेन सिंह को निलंबित कर दिया है.

इस मामले में यूपी पुलिस ने रविवार को दावा किया कि वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

घटना के बाद नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर बुलंदशहर के दोस्तपुर गांव में पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि रेपकांड में शामिल नरेश, बबलू और रईस नाम के तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है.

डीजीपी अहमद ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने शनिवार की शाम 15 लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए सभी लोग एक खानाबदोश जनजाति से हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है.

डीजीपी ने कहा कि बावरिया गिरोह से संबंध रखने वाले तीन आरोपियों की पहचान पीड़ितों ने की है और सभी दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत केस दर्ज किया जाएगा.

डीजीपी ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी वैभव कृष्ण पुलिस बल के साथ 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे थे.

वहीं दूसरी ओर इस मामले में संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी अपने एक सदस्य को पीड़ितों और जांच से संबंधित अधिकारियों से मिलने के लिए यूपी रवाना कर दिया है. आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने पुलिस की ओर से मामले में की गई गिरफ्तारियों के सही होने पर संदेह जाहिर किया है.

इस मुद्दे पर यूपी में विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि यह ‘बर्बर’ घटना है और यूपी में ‘गुंडाराज’ अपने चरम पर है. बीजेपी ने अखिलेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह एक्सप्रेस-वे और राजमार्ग तो बना रहे हैं, लेकिन उन्हें लोगों की सुरक्षा की परवाह नहीं है.

अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता महेश शर्मा ने कहा, ‘यह सब कब खत्म होगा? यह दिखाता है कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर फेल है. वे एक बेटी के सम्मान को नहीं बचा पा रहे. यह शर्मनाक है और उन्हें इस घटना के बाद गद्दी छोड़ देना चाहिए.’

बसपा ने यूपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत बद से बदतर हो चुकी है और पूरे सूबे में ‘जंगलराज’ कायम है. बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, ‘सपा सरकार और इसके मुखिया को लोगों को बताना चाहिए कि ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में क्या वे महिलाओं का सम्मान लौटा सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि सपा सरकार के शासनकाल में आम आदमी, खासकर महिलाएं तो कतई सुरक्षित नहीं हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘सामूहिक बलात्कार की घटना हृदय-विरादक है, यह स्तब्ध करने वाली घटना है. जिस तरह से परिवार के पुरुष सदस्यों की मौजूदगी में एक मां और बेटी को यातना दी गई और उनसे बलात्कार किया गया. यह एक खौफनाक वाकया है कि इंसान कितने बर्बर हो सकते है.’ सुरजेवाला ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी और अखिलेश सरकार इस मामले में क्या करने जा रही है? हम इस घटना में सरकार से निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हैं.’

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार की रात को लुटेरों के एक गिरोह ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक कार सवार परिवार को देहात कोतवाली क्षेत्र में रोका और उसमें सवार एक महिला और उसकी 13 साल की बेटी को जबरन पास के खेत में ले गए और उनसे सामूहिक रेप किया. रेप के अलावा लुटेरों ने कार में सवार लोगों से नकदी, गहने और मोबाइल फोन आदि भी लूट लिए थे.

First published: 1 August 2016, 10:49 IST
 
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