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वीडियो: बुलंदशहर की बहादुर बेटियों की 'खून भरी गुहार' पर जागी अखिलेश सरकार

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 13 August 2016, 17:47 IST
(पत्रिका)

अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए खून से चिठ्ठी लिखने वाली बुलंदशहर की बहादुर बेटियों की आवाज अखिलेश सरकार के कानों तक पहुंची है.

इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर जिले के एसएसपी अनीस अहमद अंसारी और जिला प्रशासन का अमला इन बेटियों के घर पहुंच गया. बेटियों ने अफसरों को आपबीती सुनाते हुए पुलिस की करतूत उजागर की. जिसके बाद एसएसपी ने बेटियों को इंसाफ दिलाने का वादा किया है.

क्या है पूरा मामला?

सिटी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देवीपुरा निवासी अन्नू की शादी 31 मई-2000 को बुलंदशहर सिटी के मनोज बंसल से हुई थी. एक कार कंपनी में दो जिलों के मार्केटिंग अफसर मनोज और अन्नू की शादी के बाद दो बेटियां हुईं.

शादी के 16 साल बाद भी मनोज की बेटे के लिए चाहत कम न हो सकी. आरोप है कि मनोज दूसरी शादी करना चाहता था और इसलिए कई साल से अन्नू पर जुल्मोसितम ढा रहा था. मनोज की इस हरकत में उसके परिवार वाले भी पूरा साथ देते थे.

आरोप है कि अन्नू बंसल को 14 जून 2016 की सुबह उनके घर में ही मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया. अन्नू को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां छह दिन  तक इलाज के बाद अन्नू ने दम तोड़ दिया.

अन्नू ने मरने से पहले अपना दर्द मासूम बेटियों को सुनाया था. बेटियों ने वारदात के वक्त अपने पिता और उनके घर वालों को अन्नू के साथ मारपीट करते और जलाते हुए भी देखा था.

बेटे की चाहत में लतिका और तान्या की मां अन्नू को पति द्वारा जिंदा जलाने का आरोप है. (पत्रिका)

पांच बार कराया था गर्भपात

बेटे की चाहत में मनोज पर किस कदर जुनून सवार था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अन्नू के 5 बार गर्भवती होने पर उसका अबॉर्शन करा दिया गया.

अन्नू ने यह बात अपने मायके वालों को भी बताई, लेकिन मनोज हर बार उसके साथ यह ज्यादती पर उतारू हो जाता था. अन्नू की बेटी लतिका की मानें तो उसके पिता मां से इसी बात को लेकर झगड़ते थे.

लतिका का कहना है कि रात में शराब के नशे में उसकी मां को बुरी तरह पीटा जाता था और अबॉर्शन के लिए मजबूर किया जाता था. इसी साल सफदरजंग अस्पताल में 20 जून को अन्नू की मौत हो गई थी.

सीएम को चिट्ठी में लिखा था दर्द

लतिका ने यूपी के सीएम को भेजी चिटठी में लिखा है, "मैंने जो देखा वह कभी भूल नहीं सकती. मेरी मां को मेरे सामने ही जिंदा जला दिया गया."

लतिका ने चिट्ठी में लिखा, "बेटे को जन्म न दे पाने की वजह से मां पर होने वाले अत्याचारों को मैंने देखा है. मेरी बहन का जब जन्म हुआ था, तब हम तीनों को घर से बाहर फेंक दिया गया था. तब हम किराए पर रहते थे."

चिटठी में लिखा है कि "मेरी मां को धमकी दी गई कि मेरे पापा की शादी किसी और के साथ कराई जाएगी. जो बेटे का जन्म दे सके. मेरी मां को जब जलाया गया, तो छोटी बहन रोती रह गई लेकिन मैंने बहादुरी दिखाते हुए 100 नम्बर पर फोन किया था."

शुक्रवार को एसएसपी अनीस अंसारी ने दोनों बेटियों का दर्द सुना. (पत्रिका)

सोशल मीडिया पर उठाई आवाज

मृतका अन्नू की मासूम बेटियों ने अब अपनी मां की हत्या के इंसाफ के लिए सोशल मीडिया पर अपनी आवाज बुलंद की है.

लतिका (15) और तान्या (11) ने फेसबुक और तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्याय के लिए आवाज उठाई है. यह आवाज दो मासूम बेटियों की है, जिनके पिता पर उनकी मां को मार डालने का आरोप है. अपने इंसाफ की आवाज को वे फेसबुक और ट्विटर के जरिए बुलंद कर रही हैं.

मदद को जुटा प्रशासन

अपनी मां के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने वाली बेटियों ने चिट्ठी के जरिए यूपी सरकार और उसके जर्जर सिस्टम को जगाने का एक प्रयास किया.

बेटियों के इस दर्द पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यालय जागा और अन्नू की बेटियों की मदद के लिए आगे हाथ बढ़ाया.

सीएम अखिलेश यादव के आदेश के बाद बुलंदशहर पुलिस प्रशासन का पूरा अमला शुक्रवार को इन बेटियों के घर पहुंच गया. एसएसपी अनीस अंसारी ने इस दौरान दोनों बेटियों से करीब घंटे भर बात की. साथ ही पूरे मामले की जानकारी लेते हुए उनके दुख-दर्द को तसल्ली से सुना.

First published: 13 August 2016, 17:47 IST
 
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