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बुलंदशहर गैंगरेप केस की सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 August 2016, 14:08 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुलंदशहर गैंगरेप केस की सीबीआई जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगरेप के इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था.

इस मामले में पीड़ित परिवार ने केस की सुनवाई उत्तर प्रदेश से बाहर करने की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगा दी है. 

नरीमन एमाइकस क्यूरी नियुक्त

सर्वोच्च अदालत ने केस की सुनवाई के ट्रांसफर को लेकर दाखिल याचिका पर अंतिम फैसला होने तक सीबीआई जांच को रोक दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील फाली नरीमन को एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) नियुक्त किया है. 

बुलंदशहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर एक परिवार की महिला और नाबालिग लड़की के साथ लूटपाट के बाद गैंगरेप का मामला सामने आया था. इस घटना के बाद विपक्ष ने यूपी की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया था.

क्या है पूरा मामला?

हाईवे पर परिवार को बंधक बना कर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले ने यूपी से लेकर दिल्ली तक को हिला दिया था. पुलिस ने 1 अगस्त को रईस, शाबेज और जबर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. 

यूपी पुलिस ने आठ अगस्त को मेरठ के मवाना से सलीम बावरिया, जुबैर और साजिद को गिरफ्तार किया था. पीड़ितों ने तीनों आरोपियों की फोटो देखकर पहचान की थी.

इस घटना का मुख्य आरोपी सलीम बावरिया सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र का निवासी है. कई वारदातों में वो फरार चल रहा था.

29 जुलाई को वारदात

कोतवाली देहात क्षेत्र में 29 जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास गैंगरेप का मामला सामने आया था. पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार की तेरहवीं के लिए नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था.

बदमाशों ने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-91 के पास परिवार को रोक लिया था और कोतवाली देहात इलाके के पास एक गांव के खेतों में ले गए. डकैतों ने हथियारों के बल पर कार सवार परिवार से डकैती की वारदात को अंजाम दिया.

वारदात के बाद डकैतों ने परिवार की दो महिलाओं से सामूहिक बलात्कार भी किया. करीब डेढ घंटे तक परिवार के साथ हैवानियत को अंजाम देने के बाद बदमाश वहां से फरार हो गए.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की थी. हाईकोर्ट ने केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था, जिसके बाद सीबीआई की टीम ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी थी.

First published: 29 August 2016, 14:08 IST
 
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