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बुलंदशहर हिंसा: हिंसा का शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह, क्या है अख़लाक़ लिंचिंग केस कनेक्शन?

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 December 2018, 9:31 IST
(File Photo)

बुलंदशहर में एक बार फिर से गोकशी के शक में गुस्से भीड़ बेकाबू हो गई. बुलंदशहर के स्याना गांव में कल यानि सोमवार को भीड़ ने पुलिस ठाणे पर हमला बोल दिया. भड़की हिंसा की चपेट में आने से एक पुलिस इंस्पेक्टर को अपनी जान गंवानी पड़ी. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत गोली लगने से हुई. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में ये बात सामने आयी है कि एक गोली उनकी आंख से ऊपर से होते हुए सर में लगी थी. जिस कारण उनकी मौत हो गई.

ध्यान देने की बात है कि सुबोध कुमार का ट्रांसफर 3 साल पहले ही गाज़ियाबाद में हुआ था. इंस्पेक्टर सुबोध दादरी में मोहम्मद अखलाक़ लिंचिंग मामले में मुख्य जांच अधिकारी थे. अख़लाक़ को भी गोकशी के शक में भीड़ ने उसके घर में घुस कर उसे पीट पीट कर मार डाला था.

गौरतलब है कि इंस्पेक्टर सुबोध ने अख़लाक़ के केस में मुख्य जांच अधिकारी की भूमिका निभाते हुए कई सबूत इकट्ठा किये थे. हालांकि इस केस में उन पर आरोप लगा था कि जांच प्रक्रिया के दौरान उन्होंने पारदर्शिता नहीं रखी थी. इन आरोपों के कारण ही उनका ट्रांसफर केस के बीच में ही वाराणसी कर दिया गया था.

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इस मामले में यूपी एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने बताया, ''सुबोध कुमार सिंह 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक अखलाक लिंचिंग मामले में जांच अधिकारी थे. बाद में इस मामले में चार्जशीट किसी अन्य जांच अधिकारी ने फाइल की थी.'' गौरतलब है कि सोमवार को गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के एक इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतार दिया था. इससे पहले गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. वहीं भीड़ ने चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी थी.

First published: 4 December 2018, 8:23 IST
 
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