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फेसबुक की नैतिकता: तू ही मुद्दई, तू ही मुंसिफ

लमत आर हसन | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST
QUICK PILL
  • फेसबुक पर हाल के दिनों में ऐसे कई वाकए देखने को मिले जहां कुछ लोगों की भावनाएं आहत होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों द्वारा पसंद की गई कलाकृतियों को ब्लॉक कर दिया गया, जबकि कानूनी रूप से उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं हुई थी.
  • ओरिजित सेन की पेंटिग \'शी केम इन थ्रू द बाथरूम विंडो\' को फेसबुक ने इसलिए ब्लॉक कर दिया क्योंकि कुछ लोगोंं ने उसकी रिपोर्ट फेसबुक से की थी. सेन की इस कृति में एक पंजाबी महिला को दिखाया गया है जिसके बदन पर कपड़े नहीं है.

2013 में फेसबुक ने पवित्र क्रॉस का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के मामले में रॉब डेनब्लेकर को ब्लॉक कर दिया था. दो साल बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ने ग्राफिक आर्टिस्ट और उपन्यास लेखक ओरिजित सेन को एक बार नहीं बल्कि दो बार ब्लॉक किय.

सेन को धार्मिक देवियों की कलाकृति बनाने के दौरान रचनात्मकता का इस्तेमाल करने की सजा नहीं मिली बल्कि उन्होंने फेसबुक पर अपनी सेमी-न्यूड कलाकृति को साझा कर आफत मोल ली. पहली बार सेन को नवंबर 2015 में ब्लॉक किया गया जब उन्होंने एक 'पंजाबी' महिला की पोस्ट लगाई जो बिना कपड़ों के थी. एक बार फिर से उन्होंने हफ्ते भर पहले 'शी केम इन थ्रू द बाथरूम विंडो' के नाम से तस्वीर लगाई जिसे फेसबुक ने ब्लॉक कर दिया.

कलाकारों के लिए फेसबुक पर ब्लॉक होना अब आम हो चुका है. फेसबुक की तरफ से ब्लॉक किए जाने के बाद उन्होंने लिखा, 'नैतिकता के ठेकेदारों का एक और हमला. कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स के उल्लंघन का हवाला देेते हुए फेसबुक ने मेरे पोस्ट 'शी केम इन थ्रू द बाथरुम विंडो' को हटा दिया है.'

सेन ने कहा, 'यह केवल मेरी अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का मामला नहीं है बल्कि यह उन 1,000 से अधिक लोगों का भी अपमान है जिन्होंने इसे पसंद किया और लाइक किया और इस पोस्ट को शेयर करने के साथ उस पर टिप्पणी की.' सेन का साथ देेते हुए उनके कई दोस्तों ने नैतिकता की ठेकेदारी का विरोध करते हुए इस पोस्ट को अपने टाइमलाइन पर शेयर किया. उन्होंने साथ ही उन गुमनाम लोगों को भी चुनौती दी जिनकी भावनाएं कथित तौर पर इस पोस्ट की वजह से आहत हो रही थी.

सेन के एक दोस्त ने इस कलाकृति को शेयर करते हुए लिखा, 'ओरिजित सेन की 'शी केम इन थ्रू द बाथरुम विंडो' को फेसबुक ने कथित अश्लीलता की वजह से हटा दिया. मैं इसे अपनी टाइमलाइन पर शेयर कर रहा हूं क्योंकि मेरी टाइमलाइन ने अभी तक सेंसर बोर्ड नहीं बनाया है.'

Censor

कुछ और लोगों ने इस पोस्ट को अपनी प्रोफाइल पिक्चर बनाते हुए फेसबुक की तरफ से विचार और विश्वास पर प्रतिबंध लगाए जाने की कोशिश का विरोध किया.

प्रतिबंध पर बवाल

लोकप्रिय साइनाइड एंड हैप्पीनेस कॉमिक्स के जनक डेनब्लेकर को उनकी पोस्ट की वजह से चार महीनों बाद फेसबुक ने इसलिए 12 घंटों के लिए ब्लॉक कर दिया क्योंकि इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हो रही थीं. उन्होंने लिखा, 'मैंने यह पता लगाने की कोशिश की लोगों को इसमें क्या औऱ क्यों बुरा लगा. लेकिन मैं उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ क्योंकि हमारी संस्कृति धर्म का मजाक उड़ाने की अनुमति देती है. इससे पहले भी ऐसा होता रहा है.'

डेनब्लेकर के कॉमिक्स को लाखों लोगों ने देखा और कई लोगों ने इसे शेयर भी किया. हालांकि बाद में कुछ लोगों की भावनाएं आहत होने लगी. उन्होंने कहा, 'यह अजीब बेतुका प्रोटोकॉल है. दुनिया का सबसे बड़ा सोशल प्लेटफॉर्म कुछ लोगों की भावनाओं के आधार पर कलाकृतियों को ब्लॉक करते हुए उसके रचनाकारों को धमका रहा है.'

डेनब्लेकर ने दिया फेसबुक को संदेश

बेहतर होगा कि फेसबुक अपने रिपोर्ट्स किए जाने की व्यवस्था को दुरुस्त करे. फेसबुक पर खतरनाक और नफरत फैलानी वाली दुनिया भर की दूसरी सामग्री मौजूद हैं लेकिन उनको लेकर फेसबुक का रवैया साफ नहीं है. यानि फेसबुक को भी संदर्भों से फर्क पड़ता है.

बेहतर होगा कि आप ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे यह विकल्प मिल सके कि अगर किसी को कुछ पसंद नहीं आ रहा है तो वह उसकी फीड में नजर नहीं आए. औऱ जो लोग उसे पसंद कर रहे हैं वो उसका इस्तेमाल कर सकें. मैं अपने पेज पर 'आई हेट दिस' बटन का स्वागत करुंगा.

जाहिर तौर पर फेसबुक ने डेनब्लेकर की सलाह को नजरअंदाज कर दिया और उसने ब्लॉक किए जाने के आधार को और अधिक विवादित बना दिया.

चेतावनी और ब्लॉक

फेसबुक में 'वार्निंग एंड ब्लॉक्स' के नाम से एक विशेष सेक्शन है.

वार्निंग 1

ऐसे किसी कंटेंट को डालना जो दूसरे व्यक्ति या समूह पर निशाना साधता है. फेसबुक ऐसे किसी कंटेंट को हटा देगा जिससे किसी व्यक्ति या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचती है.

वार्निंग 2

ड्रग्स का इस्तेमाल करते हुए फोटो या वीडियो डालना या अश्लील कंटेंट डालना फेसबुक के दिशानिर्देशों के खिलाफ है. फेसबुक ऐसे किसी फोटो या वीडियो को अपलोड करने की अनुमति नहीं देता है जिससे किसी व्यक्ति या समूह पर हमला करने या हिंसा को जायज ठहराने में मदद मिलती है.

वार्निंग 3

रिपोर्ट किए जाने के बाद किसी अवैध फोटो या नॉन-फोटो पीस को डालने की इजाजत नहीं है.

वार्निंग 4

  • नग्न या अन्य सेक्सुअल कंटेंट.
  • नफरत भरे भाषण, धमकी और किसी व्यक्ति या समूह पर सीधा हमला.
  • वैसी सामग्री जिसमें अत्यधिक हिंसा या नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति हो.
  • फर्जी या नकली प्रोफाइल.
  • स्पैम.

हालांकि अच्छी खबर यह है कि फेसबुक पर शिकायत किए गए सभी कंटेंट को हटाया नहीं जाता है. फेसबुक के मैन्युअल के मुताबिक, 'नहीं, हम वैसे ही कंटेंट को हटाते हैं जो फेसबुक स्टेटमेंट ऑफ राइट्स एंड रेस्पॉन्सिबिलिटीज का पालन नहीं करते हैं. अगर हमें  लगता है कि आपने कुछ वैसा पोस्ट किया है जो इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो आपको एक चेतावनी मिलेगी या फिर आपको ब्लॉक कर दिया जाएगा. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी तरफ से किया गया उल्लंघन कितना गंभीर है.'

हालांकि फेसबुक यह नहीं बताता है कि किसके तय किए जाने के बाद किसी कंटेंट को अश्लील माना जाएगा

विडंबना यह है कि फेसबुक स्तनपान कराते हुए महिलाओं को अपनी फोटो लगाने की इजाजत देता है क्योंकि 'स्तनपान एक प्राकृतिक, नैसर्गिक प्रक्रिया है' और इसके साथ ही फेसबुक ने स्तनों को ऑपरेशन के जरिए हटाए जाने की प्रक्रिया (मेसटेक्टोमी) को भी पोस्ट किए जाने की अनुमति दी है. क्योंकि फेसबुक के दिशानिर्देशों के मुताबिक यह किसी महिला के जीवन का अहम मोड़ होता है.

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कानून की व्याख्या

हालांकि इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि यह कौन तय करेगा कि फलां पोस्ट 'अश्लील' है या फिर कितने लोगों की शिकायत के बाद कोई पोस्ट अश्लीलता के दायरे में आती है.

डेनब्लेकर के मामले में उनके पोस्ट को चार महीनों के भीतर लाखों लोगों ने लाइक किया और शेयर किया. लेकिन कुछ लोगों ने इसे अश्लील माना और फिर इसे प्रतिबंधित कर दिया गया. साफ है कि इस ब्लॉकिंग की प्रक्रिया में बहुमत के विचार को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया.

वहीं सेन के पोस्ट को दर्जन भर लोगों ने पसंद किया जिन्हें फाइन आर्ट की समझ है. यही वजह रही कि फेसबुक फीड में यह खबर आई और कुछ लोगों को यह अश्लील लगा. बहुमत की भावना को धक्का लगा उससे किसी को फर्क नहीं पड़ा.

भारतीय संस्कृति की जटिलताओं और विंडबनाओं को देखते हुए फेसबुक को क्या वाकई में लगता है कि स्तनपान कराते हुई महिला की तस्वीर को रिपोर्ट नहीं किया जाएगा? फेसबुक ने एक किस्म के सामाजिक बदलाव की नींव रखी है, लेकिन उसने नैतिकता के ठेकेदारों के आगे आत्मसमर्पण कर एक कदम आगे और दो कदम पीछे की नीति अपना ली है.

First published: 3 February 2016, 8:01 IST
 
लमत आर हसन @LamatAyub

संवाददाता, कैच न्यूज़

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