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CAA प्रोटेस्ट : असम में अब तक पांच लोगों की मौत, कर्फ्यू में दी गई ढील

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2019, 12:30 IST

Citizenship Amendment Law के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच असम में पांच लोगों के मौत की खबर है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते की शुरुआत में पुलिस की गोलीबारी में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है. इस बीच रविवार को गुवाहाटी में कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया गया. अधिकारियों ने कहा कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शनिवार रात और रविवार की सुबह गोली लगने से दो व्यक्ति घायल हो गए. इसे पहले गुरुवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार शुक्रवार की रात को सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में एक वाहन के पलट जाने से एक खाली तेल टैंकर के चालक की जलने से मौत हो गई. पुलिस के अनुसार रविवार को असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ के कुछ हिस्सों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी. सोमवार को दिन का कर्फ्यू सुबह 6 बजे और रात का कर्फ्यू रात 9 बजे से लगाया जाएगा. गुवाहाटी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शनिवार को स्थिति बेहतर थी. आईएएनएस के अनुसार गुवाहाटी के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवराज उपाध्याय ने बताया "स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है. यह कल से बेहतर है. मुझे लगता है कि स्थिति में और सुधार होगा."

इस बीच मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल ने समाज के सभी वर्गों से लोगों को गुमराह न करने का आह्वान किया है. सोनवाल ने ट्वीट किया "हम सभी वास्तविक भारतीय नागरिकों और असम के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. मैं समाज के सभी वर्गों से उन तत्वों को विफल करने का आह्वान करता हूं जो #CAA पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और हिंसा में लिप्त हैं''. कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर करेंगी ताकि सीएए को रद्द किया जा सके.

कर्फ्यू में ढील दिए जाने के बाद गुवाहाटी के दिसपुर, उझान बाजार, चंदमारी, सिलपुखुरी और चिड़ियाघर रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं. ईंधन भरने के लिए लाइनों में लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है. नए नागरिकता अधिनियम में 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न से भाग रहे हिंदुओं, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्धों को भारतीय नागरिकता प्रदान करेगा. अधिनियम के अनुसार, ऐसे समुदायों को अब अवैध आप्रवासियों के रूप में नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

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First published: 16 December 2019, 11:55 IST
 
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