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मोदी सरकार ने 6 एयरपोर्ट के निजीकरण पर लगाई मुहर, PPP मॉडल के तहत संभाला जाएगा मैनेजमेंट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2018, 8:39 IST

केंद्र सरकार ने देश के छह बड़े एयरपोर्ट का प्रबंधन PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत करने के प्रस्ताव को मजूरी दे दी. केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ और तीन अन्य हवाई अड्डों के लिए ये अहम फैसला गुरुवार को सुनाया.

इनमें गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरु के हवाई अड्डे भी शामिल हैं. एक आधिकारिक ट्वीट में कहा गया, ''भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के स्वामित्व वाले इन हवाई अड्डों का प्रबंधन पीपीपी के तहत किया जाएगा.''

अब से इन एयरपोर्ट पर सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीएसी) प्रबंधन का काम करेगी. ट्वीट में कहा गया है कि पीपीपीएसी के अधिकार क्षेत्र के बाहर किसी मुद्दे को निपटाने के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह को जिम्मेदारी दी जाएगी. इस तरह के मुद्दों के लिए जो समूह होगा, नीति आयोग के सीईओ इस समूह की अगुवाई करेंगे. इसके अलावा नागर विमानन मंत्रालय, आर्थिक मामलों के विभाग, व्यय विभाग के सचिव इस समूह में शामिल होंगे.

आन्ध्र में केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को भी हरी झंडी

इस फैसले के साथ ही मंत्रिमंडल ने गुरूवार को आन्ध्र प्रदेश में एक केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि आन्ध्र प्रदेश केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना विजयनगरम जिले के रेल्ली गांव में की जाएगी. इसका उल्लेख आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की 13वीं अनुसूची में है. मंत्रिमंडल ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना के पहले चरण के होने वाले खर्चे के लिए 420 करोड़ रुपये की धनराशि को भी मंजूरी दी है.

First published: 9 November 2018, 8:39 IST
 
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