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आडवाणी को गिरफ्तार करने वाले IAS आरके सिंह बनें मोदी ब्रिगेड के सिपाही

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2017, 11:06 IST

पीएम नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में शामिल होने वाले 9 लोगों की सूची जारी कर दी गई है. सूची में जहां दो आईएएस, एक आईएफएस व एक आईपीएस को जगह दी गई है, वहीं 1990 में रथ यात्रा के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को इन्होंने गिरफ्तार करने वाले आईएएस ऑफिसर आरके सिंह को भी मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया है.

बता दें कि आरके सिंह पूर्व गृह सचिव रह चुके हैं. आरके सिंह ने बिहार चुनाव में टिकट बंटवारे पर नाराजगी जताते हुए अपनी ही पार्टी पर निशाना साध चुके हैं. आरके सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप लगाया था. हालांकि, पार्टी ने उन्हें राजनीति में नया बताकर उनके आरोपों को खारिज कर दिया था.

 

अपनी बेबाक राय के लिए पहचाने जाने वाले आरके सिंह ने कहा था गृह सचिव रहते जिनके खिलाफ मुझे कार्रवाई के आदेश मिलते थे उन्हें अब टिकट दिया जा रहा है. पार्टी के मौजूदा विधायकों का टिकट काटकर पैसे लेकर अपराधियों और बाहुबलियों को टिकट दिया जा रहा है. टिकट बंटवारे का कई बार किया विरोध आरा से भाजपा सांसद ने इसके लिए सीधे प्रदेश के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था. सिंह ने कहा था कि बिना कारण कई लोगों का टिकट काटा गया इसलिए टिकट वितरण पर फिर से विचार होना चाहिए.

सिंह ने कहा कि साफ-सुथरी सरकार देने का वायदा कर रही भाजपा ने योग्य और कर्मठ कार्यकर्ताओं को दरकिनार करते हुए बिहार में कई जगह अपराधियों को भी टिकट दे दिए हैं. इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में बहुत नाराजगी है. सिंह ने पार्टी के फाउंडर मेंबर रहे कैलाशपति मिश्रा की बहू का टिकट काटने को लेकर भी सवाल उठाए थे. शाह ने संयम बरतने को कहा था उन्होंने पूछा था कि हारने वालों का टिकट क्यों नहीं काटा गया? ऐसे में आप में और लालू में क्या अंतर है? वहीं खबर है कि चुनाव से पहले इस तरह मीडिया में अपनी नाराजगी जताने पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें संयम बरतने को कहा है.
बिहार की आरा सीट से लोकसभा सीट से सांसद आरके सिंह वही ऑफिस हैं जिन्होंने जिन्होंने साल 1990 में सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा पर निकले लालकृष्ण आडवाणी का रथ बिहार के समस्तीपुर में रोक लिया था. आर के सिंह उस समय समस्तीपुर के जिलाधिकारी थे. 1975 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी आर के सिंह जून 2011 में केंद्रीय गृह सचिव बने थे और दो साल बाद जून 2013 रिटायर हुए.

साल 1990 में रथयात्रा के दौरान लालकृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी पूर्व केन्द्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने, क्योंकि वह बिहार में तैनात थे. इस घटना के बाद बीजेपी ने तत्कालीन वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिससे सरकार गिर गई थी. बता दें कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने 23 अक्तूबर 1990 को समस्तीपुर में आडवाणी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था. 

First published: 3 September 2017, 11:06 IST
 
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