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कैग की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मिलीं कई खामियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 August 2016, 15:42 IST
(एजेंसी)

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सरकारी योजना ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)’ की समीक्षा के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय को इस योजना में पाई गई खामियों की गहन समीक्षा का मशविरा दिया है.

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन में नियोजन प्रक्रिया का पालन नहीं करने के उदाहरण का खुलासा किया है.

कैग ने पीएमजीएसवाई की निष्पादन लेखा परीक्षा में कहा, "इस कार्यक्रम के तहत अवैध बस्तियों को शामिल किया गया, जबकि योग्य गांवों को या तो छोड़ दिया गया या गलत तरीके से जोड़कर दिखाया गया. इसके कार्यो में अक्षम, अनुबंध उदाहरण के रूप में निष्पादन की कमी पायी गयी और हर्जाने की वसूली नहीं की गई."

लेखापरीक्षक ने कहा कि गलत संरेखण और भूमि विवादों के कारण कुछ काम पूरी तरह से अथवा बिना पूरा किए छोड़ा गया है.

कैग ने इस योजना के अंकेक्षण की सिफारिश में कहा, "मंत्रालय गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की कमियों को दूर करने के लिए प्रणालीगत खामियों की समीक्षा कर सकता है. इसके क्रियान्वयन के लिए नियुक्त एजेंसियों और व्यक्तियों पर सुधारात्मक कार्रवाई और जिम्मेदारी एवं जवाबदेही तय करने के लिए एक तंत्र बनाया जा सकता है. इसके साथ ही सामाजिक अंकेक्षण की अवधारणा को कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों को शामिल किया जा सकता है."

सरकारी लेखापरीक्षक ने सभी मौसमों के लिए उपयुक्त सड़क संपर्क पर जोर देते हुए कहा, "मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर सकता है कि आवश्यक संपर्क मार्गो के साथ सभी कार्यो को उचित गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा रहा है.

योजना के क्रियान्वयन के लिए नियुक्त अधिकारियों, ठेकेदारों को अनुचित लाभ और काम के पूरा होने में अनुचित देरी के हर मामले के लिए जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए."

First published: 15 August 2016, 15:42 IST
 
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