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फ्लेक्सी फेयर मामले में CAG ने रेलवे को लगाई फटकार, खाली हैं सीटें

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2018, 10:54 IST

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने रेलवे को फटकार लगाई है. फ्लेक्सी फेयर को लेकर CAG ने रेलवे को लताड़ा है. कैग ने कहा है कि राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में AC सेकंड क्लास की 17 परसेंट सीटें खाली रह जाती हैं. वहीं थर्ड एसी की 5 प्रतिशत सीटें खली रहटी हैं. ये फ्लेक्सी फेयर लागू होने के बाद से ऐसा हुआ है.

कैग ने कहा कि रेलवे थर्ड एसी के टिकटों में पहले से ही मुनाफा कमा रहा है. इस लिए थर्ड एसी में ये फ्लेक्सी फेयर लगाना सही नहीं है. गौरतलब है कि राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर नौ सितंबर 2016 को लागू किया गया था.

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कैग की रिपोर्ट के अनुसार फ्लेक्सी फेयर लागू होने के बाद से ट्रेन में लगभग 7 लाख यात्रिओं को नुक्सान हुआ है. यहां तक कि फ्लेक्सी फेयर की वजह से शताब्दी, दुरंतो और राजधानी ट्रेनों के रुट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों में यात्रिओं की संख्या बढ़ गयी है. इससे दूसरी एक्सप्रेस ट्रेनों पर यात्रिओं का लोड बढ़ गया है.

 

क्या है फ्लेक्सी फेयर

फ्लेक्सी फेयर की शुरुआत एविएशन सेक्टर की तर्ज पर हुई है. इस सिस्टम में जैसे जैसे सीटें भरेंगी वैसे ही किराया भी बढ़ता जाएगा. फ्लेक्सी प्राइसिंग सिस्टम लागू होने के बाद हर 10% सीटें बुक होने पर किराया बेसिक फेयर 10% बढ़ जाएगा.

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First published: 21 July 2018, 10:54 IST
 
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