Home » इंडिया » CAG reveals Gujrat government not given utility certificates of 2140 crore rupees for last 16 years
 

CAG की रिपोर्ट में खुलासा, गुजरात सरकार ने 16 साल से 2140 करोड़ रुपये का नहीं दिया हिसाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 September 2018, 16:03 IST

CAG की रिपोर्ट में गुजरात में कथित बड़ा घोटाला सामने आया है. गुजरात सरकार ने पिछले 16 सालों से 2140 करोड़ रुपये का ब्यौरा नहीं दिया है. CAG की जांच में गुजरात में सरकारी धन के खर्च में  जो गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं. उसके अनुसार जो बजट खर्च हुआ है उसका प्रमाणपत्र ही नहीं मिला.

रिपोर्ट के अनुुसार, साल 2001 से लेकर 2015-16 के बीच करीब 16 सालों में 2140 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कहां हुआ. सरकार ने इसका उपयोगिता प्रमाणपत्र ही नहीं दिया. साल 2018 में कैग की रिपोर्ट में इस गड़बड़झाले का खुलासा हुआ है.

चौंकाने वाली बात यह है कि 14.41 करोड़ रुपये के गबन के 158 मामलों में सरकार ने कोई कार्रवाई ही नहीं की. मई 2014 के बाद का वक्त छोड़ दें तो बाकी के समय में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे. 

बता दें कि गुजरात राज्य के वित्तीय नियम 1971 और जनरल फाइनेंशियल रूल्स 2005 के अनुसार, किसी भी स्पेशल स्कीम के तहत अगर बजट जारी हो तो वित्तीय वर्ष खत्म होने के अधिकतम 12 महीने के भीतर उसका हिसाब-किताब सहित उपयोगिता प्रमाणपत्र शासन में जमा कर दिया जाए. इससे यह पता चल सके कि धनराशि का सही इस्तेमाल हुआ है.

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नियमानुसार, जब तक कोई विभाग या सरकारी संस्थान बजट का उपयोगिता प्रमाणपत्र न दे, तब तक उसे दूसरा बजट न जारी किया जाए. मगर तब सारे नियम-कानून ताक पर रख दिए गये. 2140 करोड़ रुपये की धनराशि का कहां और कैसे इस्तेमाल हुआ, इसका कोई सबूत नहीं है. यह राशि 2001-02 से लेकर 2015-16 के बीच विभागों को जारी हुई थी. 

First published: 21 September 2018, 15:57 IST
 
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