Home » इंडिया » CAG’s Rafale report with PAC, says court, PAC chief denies it
 

राफेल पर नया विवाद, PAC चेयरमैन बोले- CAG रिपोर्ट कहां है, किसी ने मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर लिए क्या

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 December 2018, 11:56 IST

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे को लेकर दिए अपने फैसले में सौदे की जांच को लेकर दायर सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया. भारत के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ द्वारा दिए गए अपने 29 पन्नों के फैसले में कहा गया राफले के मूल्य निर्धारण विवरण का उल्लेख भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) के साथ साझा किया गया है, जिसने यह रिपोर्ट सार्वजनिक लेखा समिति (पीएसी) के साथ साझा की है. दूसरी ओर पीएसी के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि ऐसी कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है और सीएजी इसके बारे में भी नहीं जानता."

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इसके बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा: "मुझे लगता है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े फैसले के हिस्सों या निर्देशों पर हमें टिपण्णी करने का कोई अधिकार नहीं है. अगर उस संबंध में कुछ करने की आवश्यकता है, मुझे लगता है कि वकील इसकी जांच करेंगे और जरूरी काम करेंगे".

सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ ने अपने फैसले में पृष्ठ 21 पर के पैरा 25 में कहा "हमारे सामने रखी गई सामग्री से पता चलता है कि सरकार ने संसद में विमान की मूल कीमत के अलावा मूल्य निर्धारण के विवरण का खुलासा नहीं किया क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन होगा और मूल्य निर्धारण की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है''.

खंडपीठ ने कहा ''हालांकि मूल्य निर्धारण विवरण की जानकारी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के साथ साझा की गई है और सीएजी की रिपोर्ट की लोक लेखा समिति द्वारा जांच की गई है. रिपोर्ट का केवल एक संसोधित हिस्सा संसद के समक्ष रखा गया था, और सार्वजनिक डोमेन में है."

बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा पीएसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें सीएजी रिपोर्ट नहीं मिली है, उन्हें शपथ पत्र दाखिल करना चाहिए या अदालत में समीक्षा याचिका दाखिल करनी चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसका हवाला देते हुए दावा किया कि यही निर्णय का आधार है. अदालत ने कहा, उसने मूल्य विवरण, वृद्धि लागत और लागत, वस्तुवार बारीकी से जांच की थी. खड़गे ने कहा, "ऐसी किसी रिपोर्ट की सीएजी को कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे "डिप्टी सीएजी भी पूछा है.

कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने कहा ''मैंने डिप्टी सीएजी से कहा कि ऐसा क्या हुआ, क्या किसी ने मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर लिए ? जब सीएजी के पास रिपोर्ट नहीं है तो पीएसी को मिलने का सवाल ही नहीं उठता है''. खड़गे ने कहा ''कानूनन जब कोई रिपोर्ट पीएसी ने आती है तो उसे संसद के सामने रखना जरूरी होता है.''

उन्होंने कहा "जब संसद में रिपोर्ट आएगी यह सार्वजनिक डोमेन में आ जाएगी. यह सार्वजनिक डोमेन में भी नहीं है तो यह रिपोर्ट कहां से आई है? इसे किसने दिया है? कानून कहता है कि रिपोर्ट तक संसद में प्रस्तुत नहीं होने तक किसी को भी बात करने का अधिकार नहीं है.'' गांधी ने कहा, "यह सीएजी रिपोर्ट कहां है, इसे हमें दिखाएं और इसे पीएसी चेयरमैन को भी दिखाएं". उन्होंने सवाल किया कि "कहीं फ्रांस में एक और पीएसी तो नहीं बनाई गई है, ऐसा हो सकता है."

ये भी पढ़ें : राफेल को लेकर मीडिया पर मानहानि ठोकने वाले अनिल अंबानी ने SC के फैसले पर दी ये प्रतिक्रिया

First published: 15 December 2018, 11:52 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी