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जनवरी के अंत तक आएगी राफेल पर CAG रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने गलत तथ्य रखे ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 December 2018, 15:25 IST
 
 
सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफले सौदे की जांच की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज करने के बाद वह सीएजी रिपोर्ट विवाद का विषय बनती जा रही है जिसका हवाला देते हुए अदालत ने सरकार को क्लीन चिट दी थी. टाइम्स ऑफ़ इंडिया अनुसार सूत्रों ने बताया कि राफले सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट जनवरी-अंत तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसे कई अन्य रक्षा अधिग्रहणों के साथ जोड़ा जा सकता है.
 
नियमों के अनुसार एक बार सीएजी रिपोर्ट जमा हो जाने के बाद सरकार संसद में अपने टैबलिंग की तारीख और समय पर फैसला करती है. कभी-कभी महीनों तक देरी होती है. संसद में तब्दील होने के बाद, सीएजी रिपोर्ट लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेजी जाती है, जिसका मूल्यांकन में एक विपक्षी नेता होता है. वर्तमान में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पीएसी अध्यक्ष हैं. 
 
खड़गे ने कहा कि वह पीएसी से आग्रह करेंगे कि वह अटॉर्नी जनरल और सीएजी को बुलाकर यह पूछें कि वह सीएजी कब और कहां से आयी. खड़गे का कहना है कि सरकार के इसी झूठ की वजह से ऐसा फैसला आया है. इससे पहले सीएजी को पत्र लिखते हुए नवंबर में 60 रिटायर्ड नौकरशाहों के समूह ने नोटबंदी और राफेल सौदे की रिपोर्ट में जानबूझकर देरी की शिकायत की थी.
 
द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार कई पीएसी के सदस्यों का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं आयी है न ही उन्होंने इसकी जांच की है. इन सदस्यों में बीजद सांसद भृतहरि महताब और कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर, रीति पाठक, किरीट सोमैया, भूपेंद्र यादव, शिवसेना सांसद गजानंद चंद्रकांत कीर्तिकर और टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय शामिल हैं.
 
First published: 15 December 2018, 15:25 IST
 
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