Home » इंडिया » Calcutta High Court Justice Karnan, who has been missing since May 10, retires today.
 

आज रिटायर हो रहे हैं गिरफ़्तारी के डर से फ़रार जस्टिस कर्णन

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2017, 13:14 IST

गिरफ्तारी के डर से 9 मई से फरार कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सी एस कर्णन आज रिटायर हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 9 मई को जस्टिस कर्णन को अवमानना का दोषी मानते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी. ये पहला मौका है, जब कोई जज अपनी फेयरवेल में शामिल नहीं होगा. अगर वो सामने भी आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही जस्टिस कर्णन कोलकाता से अपने गृह प्रदेश तमिलनाडु आ गए थे. अगले ही दिन पश्चिम बंगाल पुलिस की दो टीमें भी उन्हें गिरफ्तार करने के लिए चेन्नई पहुंच गई थीं. कोलकाता पुलिस तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई ठिकानों में जाकर उनकी तलाश कर चुकी हैं, लेकिन जस्टिस कर्णन का कोई पता नहीं चल पाया है.

सुप्रीम कोर्ट की सुनाई थी 6 महीने की सज़ा

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सीएस कर्णन को 9 मई को सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने अपने फैसले में 6 महीने जेल की सज़ा सुनाई थी. इस बेंच की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस जेएस खेहर कर रहे थे.

जस्टिस कर्णन पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप लगा था. भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौक़ा है, जब किसी हाई कोर्ट के सिटिंग जज को जेल जाना होगा.

जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को सुनाई सजा

कलकता हाईकोर्ट के जस्टिस सी एस कर्णन ने 8 मई 2017 को भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर समेत सुप्रीम कोर्ट के सात अन्य जजों को 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी. कर्णन ने इन सभी जजों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 व संशोधित एक्ट 2015 के तहत दोषी पाए जाने का फैसला सुनाया था.

क्या है जस्टिस कर्णन विवाद?

जस्टिस सी एस कर्णन ने 23 जनवरी 2017 को पीएम मोदी को लिखे खत में सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाई कोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए . कर्णन ने इस चिट्ठी में 20 जजों के नाम लिखते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की थी.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी 2017 को जस्टिस कर्णन को अवमानना नोटिस जारी करते हुए 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की बेंच के सामने पेश होने का आदेश दिया. वारंट जारी होने के बाद जस्टिस कर्णन 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश भी हुए थे.

First published: 12 June 2017, 13:14 IST
 
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