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कैंब्रिज एनालिटिका ने 2010 बिहार विधानसभा चुनाव में की थी नीतीश कुमार की पार्टी की मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2018, 12:56 IST

फेसबुक के डेटा लीक और कैंब्रिज एनालिटिका मामले को लेकर बिहार में सत्ताधारी जदयू पार्टी फंसती नजर आ रही है. कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी और व्हिसलब्लोअर क्रिस्टोफर वायली ने बुधवार को कई चौकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने कई ट्वीट कर बताया कि ब्रिटिश फर्म सीए के पास भारत का पूरा जातीय आंकड़ा है, जिसका इस्तेमाल देश के कई चुनावों में किया गया था.

वायली द्वारा बुधवार को जारी दस्तावेजों से पता चलता है कि कैंब्रिज एनालिटिका की मूल कंपनी एससीएल ग्रुप ने 2010 में बिहार चुनावों में जदयू के लिए काम किया था. वायली ने लगातार ट्वीट कर कई तस्वीरें जारी की. इन तस्वीरों और दस्तावेजों से पता चलता है कि एससीएल इंडिया ने जदयू के लिए साल 2010 के विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी रिसर्च और रणनीति बनाने का काम किया था.

दस्तावेजों से पता चलता है कि एससीएल ने जदयू के लिए 75 प्रतिशत से अधिक घरों में एक रणनीति के तहत काम किया. जिसमें सही दर्शकों तक सही संदेशों को पहुंचाना और सही जाति की जानकारी देना मुख्य हैं. जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी का नाम इस मामले में सामने आ रहा है.

वायली द्वारा जारी दस्तावेजों से एससीएल ग्रुप का भारत में जो एड्रेस सामने आ रहा है फिलहाल वही एड्रेस केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी की कंपनी का पता है. अमरीश त्यागी की कंपनी 'ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस' का आधिकारिक पता "155, नीति खंड 1, इंदिरापुरम, गाजियाबाद" था. जो एससीएल ग्रुप का भी पता है.

दरअसल देश में कैंब्रिज एनालिटिका की सहयोगी कंपनी ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस है, जिसके चीफ जदयू नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी हैं. कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप लगने के कुछ घंटों तक ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस की वेबसाइट काम कर रही थी, जिस पर क्लाइंट के तौर पर बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू का जिक्र था. लेकिन अब वेबसाइट ब्लॉक कर दी गई है.

इस मामले पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है, 'कैंब्रिज एनालिटिका मामले में एक कंपनी का नाम आ रहा है. उसे केसी त्यागी के बेटे चलाते हैं. जेडीयू महासचिव के बेटे इस मामले में शामिल हैं और जेडीयू कह रही है कि हमेंं कुछ नहीं मालूम.'

दस्तावेजों से पता चलता है कि एससीएल ने जदयू के लिए 75 प्रतिशत से अधिक घरों में एक रणनीति के तहत काम किया. जिसमें सही दर्शकों तक सही संदेशों को पहुंचाना और सही जाति की जानकारी देना मुख्य हैं. जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी का नाम इस मामले में सामने आ रहा है.

वायली द्वारा जारी दस्तावेजों से एससीएल ग्रुप का भारत में जो एड्रेस सामने आ रहा है फिलहाल वही एड्रेस केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी की कंपनी का पता है. अमरीश त्यागी की कंपनी 'ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस' का आधिकारिक पता "155, नीति खंड 1, इंदिरापुरम, गाजियाबाद" था. जो एससीएल ग्रुप का भी पता है.

दरअसल देश में कैंब्रिज एनालिटिका की सहयोगी कंपनी ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस है, जिसके चीफ जेडीयू नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी हैं. कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप लगने के कुछ घंटों तक ओवलेने बिजनेस इंटेलिजेंस की वेबसाइट काम कर रही थी, जिस पर क्लाइंट के तौर पर बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू का जिक्र था. लेकिन अब वेबसाइट ब्लॉक कर दी गई है.

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इस मामले पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है, 'कैंब्रिज एनालिटिका मामले में एक कंपनी का नाम आ रहा है. उसे केसी त्यागी के बेटे चलाते हैं. जेडीयू महासचिव के बेटे इस मामले में शामिल हैं और जेडीयू कह रही है कि हमेंं कुछ नहीं मालूम.'

First published: 29 March 2018, 11:28 IST
 
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