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ऑटो इंडस्ट्री में मचा हाहाकार, डीलरों के पास पड़े हैं 35,000 करोड़ के अनसोल्ड वाहन

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2019, 17:41 IST

भारत में ऑटो इंडस्ट्री कम बिक्री मार झेल रही है. हालत इतनी ख़राब है कि कई ऑटो निर्माताओं में फैक्ट्रियां बंद करने की घोषणा की है, जिससे डीलरों के पास पड़ी अनसोल्ड वाहनों को बेचा जा सके. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट की माने तो ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अपने उत्पादन और विकास लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार मांग में आयी कमी के कारण 35,000 करोड़ रुपये वाहन नहीं बेचे जा सके. टू-व्हीलर सेगमेंट में यह संख्या 30 लाख तक है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 बिलियन डॉलर है.

 Maruti Suzuki, Tata Motors और Mahindra सहित शीर्ष 10 यात्री वाहन निर्माताओं में से सात ने मई से जून के बीच अपने संयंत्र बंद करने की घोषणा की है. इसी तरह कई कंपनियां संयंत्रों को बंद करने की प्रक्रिया में हैं. ईटी के एक विश्लेषण के अनुसार, इस शटडाउन से मई-जून की अवधि में उद्योग के उत्पादन में 20-25% की कमी आएगी. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (MSI) ने मई में विनियामक फाइलिंग के अनुसार वाहन उत्पादन में 18 प्रतिशत से अधिक की कटौती की है.

मारुति, महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने मई में कई दिनों के लिए उत्पादन स्थगित कर दिया. ये ऑटोमेकर होंडा कार्स इंडिया, रेनो-निसान अलायंस और स्कोडा ऑटो के साथ मिलकर महीने चार से 10 दिनों के लिए शटडाउन के दूसरे दौर की योजना बना रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि इसकी सबसे ज्यादा मार डीलरों को झेलनी पड़ेगी क्योंकि कंपनियों से वाहन खरीदते समय उनसे जीएसटी वसूल लिया जाता है.

हालही में भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने मई में अपनी बिक्री में 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी. लगातार तीसरा महीना है जब कंपनी की बिक्री घटी है. जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और होंडा कार्स इंडिया ने मिलकर महीने में 229,294 यूनिट्स बेचीं. पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 20 प्रतिशत की गिरावट आई थी जब इन कंपनियों ने 286,484 यूनिट्स बेचीं.

लड़खड़ाया भारतीय कार बाजार, मारुति की बिक्री में 7 साल की सबसे बड़ी गिरावट

First published: 10 June 2019, 15:11 IST
 
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