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कैस: नरसिंह ने जान-बूझकर लिया प्रतिबंधित पदार्थ

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2016, 12:12 IST
(कैच)

भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर चार साल का प्रतिबंध लगाने वाली खेल पंचाट (कैस) ने अपने फैसले में कहा है कि पहलवान नरसिंह यादव अपने खाने-पीने से छेड़छाड़ के दावे के संदर्भ में कोई भी ‘वास्तविक साक्ष्य’ देने में विफल रहे.

कैस के मुताबिक संभावनाओं का संतुलन यह कहता है कि उन्होंने एक से अधिक मौके पर प्रतिबंधित पदार्थ जान-बूझकर टैबलेट के रूप में लिया.

अपने पूर्ण फैसले में खेल पंचाट विशेषज्ञ साक्ष्य पर निर्भर रहा कि नरसिंह का डोप अपराध एक बार प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के कारण नहीं है और पहले परीक्षण (25 जून) के नतीजे में इसका अंश इतना अधिक था कि यह मिथेनडाइनोन के एक या दो टैबलेट खाने पर ही हो सकता है और ऐसा पानी के साथ पाउडर का मिश्रण मिलाने से नहीं हो सकता है.

नरसिंह के मामले में यह फैसला कनाडा की प्रोफेसर क्रिस्टियान अयोटे ने दिया है, जिन्होंने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की ओर से पक्ष रखा. वह 1995 से आईएएएफ डोपिंग आयोग का हिस्सा रही हैं और 1995-96 में उन्हें आईओसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के प्रमुख का प्रतिनिधि चुना गया.

प्रोफेसर क्रिस्टियान अयोटे वर्तमान में मॉन्ट्रियल स्थित वाडा से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की निदेशक हैं. नरसिंह के मूत्र का नमूना प्रतियोगिता के इतर 25 जून को लिया गया और इसमें मिथेनडाइनोन के अंश पाए गए. पांच जुलाई को प्रतियोगिता के इतर लिए गए एक अन्य नमूने में भी मिथेनडाइनोन के लंबे समय तक रहने वाले अंश पाए गए.

खेल पंचाट के पैनल ने अपने फैसले में कहा, "कुल मिलाकर छेड़छाड़ का दावा सही होने की संभावना हो सकती है, लेकिन ऐसा तय नहीं है और निश्चित तौर पर इसकी मजबूती के लिए कोई वास्तविक साक्ष्य मुहैया नहीं कराया गया.

पैनल ऐसे में नतीजे पर पहुंचा है कि खिलाड़ी अपने साक्ष्यों को संतुष्ट करने में नाकाम रहा है और पैनल संतुष्ट है कि सबसे अधिक संभावना इसकी है कि खिलाड़ी ने जान-बूझकर एक से अधिक मौके पर प्रतिबंधित पदार्थ टैबलेट के रूप में खाया."

फैसले में कहा गया, "पैनल को खिलाड़ी के पारिस्थितिक साक्ष्यों को वाडा के वैज्ञानिक साक्ष्यों के खिलाफ तौलकर फैसला करना था कि वह खिलाड़ी के इस दावे से संतुष्ट है या नहीं कि उसने जानबूझकर प्रतिबंधित पदार्थ नहीं लिया.

पैनल मानता है कि प्रोफेसर अयोटे के विशेषज्ञ साक्ष्य को शायद अन्य विशेषज्ञों से स्वीकृत कराने की जरूरत पड़े. हालांकि पैनल के पास वैज्ञानिक आंकड़ों और उनके विशेषज्ञ बयान पर सवाल उठाने का कोई कारण नहीं है."

गौरतलब है कि खेल पंचाट ने भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के 74 किलोग्राम मुकाबले से महज कुछ ही घंटों पहले 18 अगस्त को खेल में हिस्सा लेने से मना करते हुए चार साल का प्रतिबंध भी लगा दिया था.

दूसरी ओर पहलवान नरसिंह का आरोप है कि डोपिंग का यह अपराध छेड़छाड़ के कारण हुआ है, जो जितेश (जूनियर पहलवान) ने 23 या 24 जून को उनके एनर्जी ड्रिंक में प्रतिबंधित पदार्थ मिलाकर की थी.

पैनल ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने तीन लोगों पासवान, राहुल कुमार और पंकज कुमार के बयान सुने थे, जिन्होंने पुष्टि की थी कि उन्होंने जितेश को पांच जून को नरसिंह के खाने में कुछ पाउडर मिलाते हुए देखा था.

First published: 22 August 2016, 12:12 IST
 
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