Home » इंडिया » Case registered against DU professor Nandini Sundar in connection with the murder of an adivasi in Sukma district of Chhattisgarh
 

छत्तीसगढ़: डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 November 2016, 13:05 IST
(नंदिनी सुंदर/फेसबुक)

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक आदिवासी युवक की हत्या के आरोप में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता नंदिनी सुंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

इस मामले में नंदिनी के अलावा जेएनयू की एक प्रोफेसर समेत 10 अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. गौरतलब है कि नंदिनी सुंदर दिल्ली यूनिवर्सिटी के समाज शास्त्र विभाग में प्रोफेसर हैं. इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन की वह पत्नी हैं.

छत्तीसगढ़ के चर्चित एसपीओ मामले के याचिकाकर्ताओं में से भी नंदिनी सुंदर एक हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए एसपीओ की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया था.

जेएनयू प्रोफेसर भी आरोपी

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) एसआरपी कल्लूरी ने बताया कि शामनाथ बघेल की हत्या के मामले में शनिवार को उसकी पत्नी की शिकायत के आधार पर माओवादियों और कुछ अन्य के साथ-साथ डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद (जेएनयू प्रोफेसर), विनीत तिवारी (दिल्ली के जोशी अधिकार संस्थान), संजय पराते (छत्तीसगढ़ भाकपा के प्रदेश सचिव) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

उन पर तोंगपाल थाने में आईपीसी की धारा 120 बी, 302, 147, 148 और 149 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. आईजी के अनुसार, जांच के बाद दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मामला शनिवार को दर्ज किया गया था, लेकिन सोमवार शाम को यह प्रकाश में आया.

नक्सलियों पर आदिवासी की हत्या का शक

गौरतलब है कि सशस्त्र नक्सलियों ने सामनाथ बघेल की कथित तौर पर धारदार हथियारों से चार नवंबर को देर रात नामा गांव में उसके घर पर हत्या कर दी थी. यह गांव यहां से करीब 450 किलोमीटर दूर है और तोंगपाल इलाके की कुमाकोलेंगे ग्राम पंचायत में आता है. 

रविवार को तोंगपाल में लोगों ने सामनाथ बघेल की नक्सलियों द्वारा की गई हत्या के विरोध में प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को दो घंटे के लिये जाम भी कर दिया था.

उल्लेखनीय है कि बघेल और उसके कुछ साथी इस साल अप्रैल से उनके गांव में चल रहीं नक्सली गतिविधियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इसके लिए गांव वालों ने स्थानीय तौर पर एक सिक्योरिटी ग्रुप भी बना रखा था और सामनाथ बघेल इसके अध्यक्ष थे.

First published: 8 November 2016, 13:05 IST
 
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