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हरियाणा जाट हिंसा में बीजेपी के लोग शामिल थे: बीजेपी सांसद

निखिल कुमार वर्मा | Updated on: 2 April 2016, 8:23 IST
QUICK PILL
हरियाणा में जाटों को आरक्षण दिए जाने पर कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी अपनी ही सरकार से बेहद नाराज हैं. उनका कहना है कि जाटों को आरक्षण मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने बंदूक की नोक पर दिया है.सैनी ने कहा है कि वह जाटों को मिले आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. उन्होंने हरियाणा में जाट आरक्षण के दौरान हुई भारी हिंसा का कड़े शब्दों में आलोचना की है.सैनी के अनुसार विपक्ष के अलावा बीजेपी के भी जाट नेता हरियाणा में हिंसा भड़काने में शामिल थे. जाटों के दबदबे और वोटबैंक के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.कैच के साथ राजकुमार सैनी के बातचीत का अंश:

अपनी ही सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों जाना चाहते हैं?

अगर सरकार किसी का घर लुटवा दे. एक पिता अपने एक बच्चे का हक दूसरे बच्चे को दे दे तो परिवार के लोग भी कोर्ट में जाते हैं ये तो राजनीतिक पार्टी है.

आपकी सरकार तो कह रही है कि उसने आरक्षण के लिए अलग से प्रावधान किया है और कोटा बढ़ा दिया है.

जो कहा जा रहा है वो गलत है. क्लास थ्री और क्लास फोर का वर्गीकरण पूरे देश में नहीं है. पूरे देश में क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक 27 फीसदी आरक्षण है. हरियाणा के पूर्व जाट मुख्यमंत्रियों ने क्लास थ्री और फोर में पिछड़ों को आरक्षण दिया लेकिन गजटेड पोस्टों में पहले दो फीसदी आरक्षण दिया, फिर पांच, दस और अब सत्रह पर आकर फुलस्टॉप लगा दिया.

हरियाणा सरकार ने उन लोगों को आरक्षण दिया है जिनके बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये लोग पिछड़े नहीं हैं और इन्हें आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. ये आरक्षण किसी समीक्षा के बिना बंदूक की नोक पर दिया गया है.

क्या आपने अपनी बात राज्य नेतृत्व या केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी है?

मैं बहुत दिनों से अपनी बात रखता चला आ रहा हूं. मेरी कोई सुनने वाला नहीं है. मुझे पहले भी कोर्ट से न्याय मिला था और अब भी कोर्ट का भरोसा है. पूरा प्रदेश जल गया, विपक्ष तो मुजरिम था उसने दंगा भड़काया. अपनी भी पार्टी के कुछ लोग उसमें शामिल थे.

संसद में जेएनयू और रोहित वेमुला पर चर्चा हुई लेकिन हरियाणा दंगों पर चर्चा तक नहीं हुई क्योंकि इसमें अपनी ही पार्टी के लोग शामिल थे. जो कसूरवार थे उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी लेकिन सिर्फ वोटबैंक का ध्यान रखा गया.

आप कह रहे हैं कि आपकी पार्टी के नेता दंगों में शामिल थे?

जाट बहुत ज्यादा ताकतवर हैं. मिलिट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार में सब उनके आगे झुककर सलाम कर रहे हैं. बीजेपी के जितने जाट नेता आपकी लिस्ट में है वो सारे दंगे भड़काने में शामिल है. एक भी पीछे नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट जाने पर पार्टी आप पर कार्रवाई कर सकती है?

न्याय और इंसाफ का हक पिता के पास होता है. अगर एक बच्चा न्याय मांगता है और पिता देना नहीं चाहता है तो वह कोर्ट में जाता है. इसके बाद पिता उसे बेदखल कर देता और घर से निकाल सकता है. ये सारी बातें मेरे मन में है. हालांकि केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मुझे अब तक कुछ कहा नहीं गया है.

First published: 2 April 2016, 8:23 IST
 
निखिल कुमार वर्मा @nikhilbhusan

निखिल बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं. राजनीति और खेल पत्रकारिता की गहरी समझ रखते हैं. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी में ग्रेजुएट और आईआईएमसी दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा हैं. हिंदी पट्टी के जनआंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं. मनमौजी और घुमक्कड़ स्वभाव के निखिल बेहतरीन खाना बनाने के भी शौकीन हैं.

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