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कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुलगा कर्नाटक, बेंगलुरू-मैसूर हाईवे बंद

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2016, 8:26 IST

तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी सप्लाई करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ किसानों और जय कर्नाटक कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु-मैसूर हाईवे को बंद कर दिया है. प्रदर्शनकारी कोर्ट के फैसले के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने अनेक जगहों पर सड़कें जाम कर दी और धरने दिए. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कावेरी क्षेत्र में केन्द्रीय बल समेत सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार को आदेश दिया था कि वो अगले दस दिन तक रोज़ाना 15 हज़ार क्यूसेक पानी तमिलनाडु को दे. तमिलनाडु के कुछ इलाक़ों में किसानों ने अपनी फसल को बचाने के लिए 20 हज़ार क्यूसेक्स पानी की गुहार लगाई थी. इसके विरोध में प्रदर्शनकारी कई जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं. 

कर्नाटक के चावल का कटोरा कहा जाने वाला इलाका मंड्या सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से खासा प्रभावित है. वहां के किसानों ने इस पर एतराज़ जताया और हाईवे को ब्लॉक कर दिया. उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की तस्वीर वाले बोर्ड और विज्ञापनों में आग लगा दी.

किसानों के गुस्से को देखते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश पर विचार किया जा सके. उनका कहना है कि अदालत का आदेश तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं देता है.

किसानों के विरोध प्रदर्शनों की वजह से राज्य सरकार को तमिलनाडु और केरल की ओर जाने वाली 700 बसों को भी रोकना पड़ा. सरकार ने कहा है कि मंड्या जिले के स्कूल कॉलेज दो दिन तक बंद रहेंगे. कृष्णा राज सागर बांध तथा वृंदावन गार्डन में प्रवेश शुक्रवार तक बंद रहेगा.

पुलिस ने बताया कि मांड्या में प्रदर्शनकारियों ने अनेक सरकारी दफ्तरों में तोड़फोड़ की और उसे बंद करने के लिए बाध्य कर दिया. वकील और किसानों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ नारेबाजी के साथ-साथ पुतले भी फूंके. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कानून मंत्री टीबी जयचंद्रा ने लोगों से शांति की अपील की है.

मंड्या के अलावा मैसूरू और हासन जिले में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि कर्नाटक कावेरी नदी से तमिलनाडु को पानी नहीं दे. कर्नाटक के मुख्यमंत्री वरिष्ठ मंत्रियों, कानूनी विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. उन्होंने भावी रणनीति तय करने के लिए विधानमंडल के नेताओं और सांसदों की बैठक भी बुलाई है़.

First published: 7 September 2016, 8:26 IST
 
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