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कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के ड्रॉफ्ट को दी मंजूरी, तमिलनाडु की याचिका खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2018, 16:15 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कावेरी जल प्रबंधन स्कीम के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र में शासित मोदी सरकार से दक्षिण भारत के तटीय राज्यों बीच के सुचारु तरीके से कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लिए ड्राफ्ट तैयार करने को कहा था.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बैंच ने कर्नाटक और केरल सरकार के दिए गए प्रस्तावों को खारिज कर दिया. इन प्रस्तावों को कोर्ट ने मेरिट के आधार पर सुनने नायक नहीं माना.  दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और डीवाई चंद्रचूड़ की बैंच ने कहा कि कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल को संसोधित कर कावेरी जल प्रबंधन योजना में बदल दिया गया है ताकि विवाद का तार्किक हल निकल सके. 

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की अपील भी खारिज कर दी जो उसने केंद्र सरकार पर लगाई थी. तमिलनाडु सरकार का कहना था कि केंद्र सरकार ने अभी तक कावेरी योजना को निपटाने के लिए शुरुआत नहीं की है. कोर्ट ने कहा कि ये स्पष्ट है कि वो ये देखेंगे कि स्कीक के तहत जो ड्रॉफ्ट दिया गया है, क्या वो उनके दिए फैसले के अनुरुप है. 

सोलह फरवरी को अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वो कावेरी प्रबंधन योजना बनाए, जो कावेरी प्रबंधन बोर्ड के अंतर्गत तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुदुच्चेरी के बीच पानी छोड़े. इस योजना को अंतिम रुप दिए जाने के बाद चारों राज्यों के बीच हर साल विभिन्न परिस्थतियों में पानी का बंटवारा कावेरी रिवस बेसिन के तहत हो सकेगा. 

इससे पहले 8 मई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वो उसके 16 फरवरी को दिए गये आदेश को लागू करने के लिए क्या कदम उठाने जा रही हैै. कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच 100 सालों से कावेरी जल के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है.

इससे पहले 3 मई को सुनाए गए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी से तमिलनाडु को मिलने वाले 192 टीएमसी पानी को घटाकर 177.25 टीएमसी कर दिया गया था.

हम आपको बता दें कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद को निपटाने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी के पानी के प्रबंधन के लिए कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करे. शीर्ष कोर्ट के फैसले के बावजूद केंद्र सरकार ने कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का गठन नहीं किया. इसके लिए सरकार को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है.

First published: 18 May 2018, 16:15 IST
 
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