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कावेरी विवाद: बेंगलुरु में बवाल के बाद 16 थानों में कर्फ्यू, सीएम ने की शांति की अपील

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एएनआई)

कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का परिवर्रित आदेश आने के बाद एक बार फिर कर्नाटक सुलग उठा.

राजधानी बेंगलुरु में पुलिस गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया. पुलिस को उस वक्त गोली चलानी पड़ी, जब भीड़ ने राजागोपाल नगर थाना क्षेत्र के हेग्गनहल्ली में एक पेट्रोलिंग वैन पर हमले की कोशिश की. 

आगजनी और तोड़फोड़

गुस्साई भीड़ ने बेंगलुरु के बस स्टेशन पर तमिलनाडु के नंबर वाली बसों और ट्रकों में आग लगा दी. बेंगलुरु के केपीएन बस डिपो में प्रदर्शनकारियों ने तकरीबन 56 बसें फूंक डालीं.

इसके साथ ही तकरीबन 50 दुकानों को लूटने की भी घटना सामने आयी है. बेंगलुरु के अलावा मैसूर, मांड्या, चित्रदुर्ग और धारवाड़ ज़िले में भी हिंसक प्रदर्शन की खबर है. 

बेंगलुरु के एक बस डिपो में उग्र प्रदर्शनकारियों ने 56 बसें फूंक डालीं. (एएनआई)
बेंगलुरु में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट का संशोधित आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कावेरी नदी के जल को लेकर अपने आदेश में संशोधन किया था, जिसके बाद सोमवार को बेंगलुरु समेत कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई.

वहीं तमिलनाडु में भी कई जगह हालात काबू से बाहर हो गए. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 20 सितंबर तक कावेरी नदी का 12 हजार क्यूसेक पानी रोजाना छोड़ने का आदेश दिया है, जबकि पहले 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया गया था.

बेंगलुरु में कर्फ्यू, मैसूर में तनाव

तमिलनाडु और कर्नाटक में सोमवार को हुई हिंसा के बाद दोनों राज्यों के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. बेंगलुरु और मैसूर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और वहां धारा 144 लागू कर दी गई है.

बेंगलुरु के 16 थाना क्षेत्रों में प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया गया है. साथ ही 15000 पुलिसकर्मियों को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया है. हालांकि, ईद-उल-जुहा के मद्देनजर मस्जिदों और ईदगाहों में धारा 144 लागू नहीं है.

राजनाथ ने की मुख्यमंत्रियों से बात

राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृहमंत्री जी परमेश्वर ने भी लोगों से शांति की अपील की है. सीएम ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को चिट्ठी लिखकर तमिलनाडु में कर्नाटक के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने को भी कहा है.

इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज कैबिनेट की आपात बैठक भी बुलाई है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों से सोमवार रात फोन पर बात की और उन्हें केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिया.

कर्नाटक के गृहमंत्री परमेश्वर ने कहा है, "कुछ संगठनों के लोग हिंसा में शामिल हैं, उनकी पहचान करने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी. हर नागरिक को सुरक्षा सुनिश्चित कराना हमारी जिम्मेदारी है और हम यह कर रहे हैं." 

नायडू की मीडिया से अपील

केंद्रीय कानून मंत्री और कर्नाटक के पूर्व सीएम सदानंद गौड़ा ने कहा है, "कर्नाटक के लोग इसके दोषी नहीं हैं. हम वो लोग हैं, जिनके पास पानी नहीं है. तमिलनाडु के लोग कन्नड़ लोगों को उकसा रहे हैं. वे तमिलनाडु में हमारे लोगों पर हमले कर रहे हैं. हर किसी को शांति बनाए रखनी चाहिए."

वहीं केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा,  "मैंने मीडिया से पहले ही अपील की है कि दोनों राज्यों की घटनाओं पर रिपोर्टिंग करते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए. इस तरह की घटनाओं पर जोर देना आगे हिंसा को भड़का सकता है. उम्मीद है कि शांति व्यवस्था और हालात सामान्य बनाने के लिए मीडिया सार्थक भूमिका अदा करेगा."

First published: 13 September 2016, 12:22 IST
 
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