Home » इंडिया » Cauvery water row: SC orders Karnataka to release less water; says people can't take law into their hands
 

कावेरी जल विवाद: बंगलुरु में बेकाबू हालात, एक की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 September 2016, 15:45 IST

सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद मामले में सोमवार को अपने पिछले फैसले में सुधार करते हुए कर्नाटक सरकार को 20 सितंबर तक हर दिन 12 हजार क्यूसेक पानी तमिलनाडु को देने का आदेश दिया है. इससे पहले अदालत ने रोजाना 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था.

छुट्टी होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक की उस याचिका पर सुनवाई करने बैठा था, जिसमें उसने कहा था कि वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को कावेरी नदी से 15 हज़ार क्यूसेक पानी देने वाले आदेश का पालन नहीं कर पाएगा.

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक की अपील पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थ‍िति को अदालत का आदेश लागू न कराने के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता है.

पीठ ने कहा कि इस आदेश का सभी संबद्ध पक्षों को पालन करना होगा और कार्यपालक का दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि आदेशों का पूरी भावना के साथ पालन किया जाए.

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को कर्नाटक को 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश सुनाया था. इसके जवाब में कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपने आदेश को वापस लेने की अपील की थी.

कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद से कर्नाटक के लोगों में नाराज़गी दिखाई दे रही है. तमिलनाडु को पानी दिए जाने के विरोध में राज्य के मांड्या समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं. सोमवार को चेन्नई स्थित एक कर्नाटक होटल में तोड़फोड़ की खबर है.

इसके अलावा कन्नड समर्थकों ने आज बेंगलुरु में बेंगलूरु-मैसूर रोड पर विरोध प्रदर्शन करते हुए कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया और दुकानों में तोड़-फोड़ भी की.

First published: 12 September 2016, 15:45 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी